Teachers encourage the use of Class 8 Hindi Extra Question Answer Malhar Chapter 9 आदमी का अनुपात Extra Questions and Answers for better language learning.
Class 8 Hindi आदमी का अनुपात Extra Question Answer
Class 8 Hindi Chapter 9 Extra Question Answer आदमी का अनुपात
NCERT Class 8 Hindi Chapter 9 Extra Questions अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
‘आदमी का अनुपात’ कविता किसके द्वारा रचित है?
उत्तर:
यह कविता गिरिजा कुमार माथुर द्वारा रचित है।
प्रश्न 2.
गिरिजा कुमार माथुर द्वारा रचित प्रसिद्ध गीत कौन-सा है?
उत्तर:
उन्होनें प्रसिद्ध भावांतर गीत ‘होंगे कामयाब’ की भी रचना की थी।
प्रश्न 3.
मानव की क्या – क्या सीमाएँ हैं?
उत्तर:
मानव अपने को सृष्टि का केंद्र समझता है। वह इस सृष्टि और प्रकृति का स्वामी स्वयं को समझता है। अब तो मानव दूसरे मानव को भी अविश्वास से देखता है और आपस में ही संघर्षरत हैं।
प्रश्न 4.
कविता में प्रयुक्त प्रतीकात्मक शब्दों के उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
कविता में कई प्रतीकात्मक शब्दों का प्रयोग हुआ है जैसे कि – ‘ अनुपात’, ‘कमरा’, ‘दुनिया’ आदि ।
प्रश्न 5.
कविता क्या दर्शाती है ?
उत्तर:
कविता मानव की महत्वाकाक्षाएँ, श्रेष्ठ होने का भ्रम, उसके नकरात्मक भाव जैसे अहंकार, ईर्ष्या, घृणा, स्वार्थ और अविश्वास को उजागर करती है।
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प्रश्न 6.
‘दो दुनिया रचाता है’ से क्या सूचित होता है?
उत्तर :
दो दुनिया रचाता है यह पंक्ति दर्शाती है कि मनुष्य अपनी छोटी-सी दुनिया (कमरा) में ही सीमित हो जाता है, जबकि वह एक विराट दुनिया का हिस्सा है। वह दुनिया को छोटे-छोटे टुकडों में वाँटकर अपनी अलग दुनिया बना लेता है।
प्रश्न 7.
‘दो व्यक्ति कमरे में, कमरे से छोटे’ पंक्ति का अर्थ क्या है?
उत्तर :
इस पंक्ति में दो ब्यक्तियों की मानसिक सीमाओं की ओर संकेत किया गया है। बे भले ही एक कमरे में हों, परंतु उनके विचार, संबंध या दृष्टिकोण इतने संकुचित हैं कि वे कमरे से भी छोटे लगते हैं। यह आपसी दूरी और मानसिक बंधन को दर्शाता है।
प्रश्न 8.
इस कविता में किस प्रकार की भाषा का प्रयोग हुआ है?
उत्तर :
इस कविता में सरल, प्रतीकात्मक और विस्तारशील भाषा का प्रयोग हुआ है। भाषा क्रमिक रूप से छोटे से बड़े की ओर जाती है, जिससे अर्थ का गहराईं से प्रसार होता है। कवि ने कल्पनाशील और सारगर्भित अभिव्यक्ति का सहारा लिया है।
प्रश्न 9.
कविता में ‘परिधि नभ गंगा की’ से क्या आशय है?
उत्तर :
‘परिधि नभ गंगा की’ पंक्ति में कवि ने ब्रह्मांड की अपारता और रह्रस्यमय फैलाब को उजागर किया है। ‘नम गंगा’ से तात्पर्य आकाशगंगा से है, जो अनगिनत तारों का समूह है। इसकी ‘परिधि’ अर्धात् सीमा असीम है, जिसे मापा नहीं जा सकता।
आदमी का अनुपात Class 8 Hindi Extra Question Answer लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
गिरिजा कुमार माथुर की कविता ‘आदमी का अनुपात’ क्या संदेश देती है?
उत्तर:
कविता मनुष्य को इस ब्रह्मांड में स्थान, उसकी सीमाएँ और भूमिका को गहराई से समझाने का प्रयास करती है। मनुष्य को उसके गुणों, सोच और व्यवहार का मूल्यांकन करना चाहिए। मानव मशीनी जीवन जीता है। अपने संबंधों से दूर हो रहा है और भौतिक सफलता को जीवन का सच समझ बैठा है।
प्रश्न 2.
कविता में कौन-सी संरचना की बात कही गई है?
उत्तर:
कविता में ब्रह्मांडीय संरचना की बात स्पष्ट की गई है। मनुष्य एक बहुत विराट व विशाल श्रृंखला की एक छोटी कड़ी है। हर ब्रह्मांड में असंख्य पृथ्वियाँ, भूमियाँ और सृष्टियाँ मौजद हैं। हमारा ग्रह और हम स्वयं, इस अनंत विस्तार में बस एक सूक्ष्म बिंदु हैं।
प्रश्न 3.
कविता में मनुष्य की कौन-कौन सी नकारात्मक भावनाओं का उल्लेख है?
उत्तर :
कविता में मानव स्वभाव की संकीर्णता को दर्शाने के लिए कई नकारात्मक भाबनाओं का उल्लेख किया गया है; जैसे-इर्ष्या, अहंकार, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास। ये भावनाएँ मनुष्य को दूसरों से जोइने के बजाय अलगाव की ओर ले जाती हैं।
बह दूसरों के साथ सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाता और छोटे-से स्थान में भी मतभेद और दूरी पैदा कर देता है। ये मनोभाव न केवल संबंधों को तोड़ते हैं, बल्कि समाज में भी विघटन का कारण बनते हैं।
प्रश्न 4.
‘एक कमरे में दो दुनिया रचाता है’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
इस पंक्ति से स्पष्ट होता है कि मनुष्य अपने सीमित स्थान में भी मानसिक और भावनात्मक दूरी पैदा कर सकता है। एक ही कमरे में रहकर दो व्यक्ति इतने अलग दृष्टिकोण, व्यवहार और सोच रखते हैं कि वह कमरा दो दुनिया बन जाता है। यह सहानुभूति और संवाद की कमी को दर्शाता है। कवि यह बताना चाहता है कि विभाजन सिर्फ दीवारों से नहीं, सोच से भी होता है और मनुष्य स्वयं अपने आसपास अलगाव की सीमाएँ रच लेता है।
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प्रश्न 5.
कविता का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर :
इस कविता का मुख्य विषय है-मानव की सीमित सोच और उसकी आत्म-केंद्रित प्रवृत्तियाँ, जो उसे विशाल ब्रह्मांड का भाग होते हुए भी छोटे दायरे में बाँध देती है। कवि मनुष्य की तुलना ब्रह्मांड की विशालता से करता है और यह दिखाता है कि व्यक्ति में संघर्ष, देष और अहंकार के कारण वह ‘कमरे से छोटा’ हो जाता है। कविता आत्मचितन का आग्रह करती है कि व्यक्ति अपनी सीमाओं को पहचाने और उन्हें तोडकर व्यापक दृष्टिकोण अपनाए।
प्रश्न 6.
प्रस्तुत पाठ में किस प्रकार की भाषा का प्रयोग हुआ है?
उत्तर :
इस पाठ में सरल, प्रतीकात्मक और बहुस्बरीय अर्थ वाली भाषा का प्रयोग हुओं है। कवि ने छोटे-छोटे वाक्यों में गहरी दार्शनिक बाते कही है। भाषा में प्रवाह और लय है, जो पाठ को सहज बनाती है। ‘कमरे’, ‘पृथ्वी’, ‘ब्रह्यांड’, ‘नक्षत्र’ जैसे शब्दों के माध्यम से रूपक और प्रतीकों का सुंदर प्रयोग किया गया है। इसके साथ ही व्यंग्यात्मक शैली में मानव ब्यवहार की आलोचना भी की गई है, जिससे पाठक आत्ममंथन के लिए प्रेरित होता है।
आदमी का अनुपात Extra Questions दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
‘आदमी का अनुपात’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर:
‘आदमी का अनुपात’ कविता बह्मांड की विराटता और मानव की छोटी दुनिया के बीच के अंतर को दर्शाती है। कविता मनुष्य को उसके अहं, स्वार्थ और अस्तित्व की सीमाओं से परिचित कराती है। आदमी अपने अहं, ईर्ष्या और द्वेष के चलते दो दुनिया बसा लेता है। इस दुनिया में वह अपनों के साथ रहता हुआ भी अकेला और अलग है। उसने अपने संबंधों और रिश्तों को भी अनदेखा कर दिया है। कविता का उद्देश्य मानव को उसके अस्तित्व के अनुपात का बोध कराना भी है।
उसे अपनी छोटी सोच और अंहकार से ग्रस्त मानसिकता को बदलना होगा। कविता आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है। हमारे जीवन का उद्देश्य धनोपार्जन व भौतिक चकाचौंध में रहना नहीं है। मानव का असली अनुपात उसकी सद्बुद्धि, विवेक और आत्मा है । जीवन की सार्थकता मानवीय मूल्यों और कर्तव्यों में निहित है। यदि इस संदेश को मानव समझ ले तो इस असीम ब्रह्मांडीय संरचना में वह एक कण के समान होते हुए भी महत्त्वपूर्ण और विशिष्ट बन जाएगा।
प्रश्न 2.
कविता में ‘मानव’ और ‘ब्रह्यांड’ के अनुपात को कैसे प्रस्तुत किया गया है? विस्तार से समझाइए।
उत्तर :
कबिता में मानव को एक छोटे कमरे में बैठे दो व्यक्तियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जबकि उसके चारों ओर विशाल ब्रह्मांड का क्रमिक विस्तार दिखाया प्रयान्है। क्रमशः कमरा, घर, मोहल्ला, नगर, प्रदेश, देश, पृथ्वी और अंत में अनगिनत ब्रह्यांडों का वर्णन किया गया है। यह अनुपात दर्शाता है कि मनुष्य आकार में अत्यंत छोटा और सीमित है, परंतु उसके अंदर अहंकार, स्वार्थ और द्वेष जैसे बड़े दोष हैं।
कवि यह संकेत करता है कि व्यक्ति को अपने अस्तित्व की सीमाओं को समझकर विनम्र, जागरूक और संबेदनशील बनना चाहिए। यह अनुपात भौतिक लघुता और मानसिक विशालता के बीच संतुलन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
प्रश्न 3.
‘संख्यातीत शंख-सी दीवारं’ की कविता में क्या महत्त्व है? क्या ये केवल भौतिक दीवारें हैं?
उत्तर :
कविता में ‘संख्यातीत शंख्र-सी दीवारे’ का केवल सिर्फ इंट-पत्थर की दीवारों के लिए नहीं, बल्कि उन मानसिक और सामाजिक दीवारों के प्रतीक के रूप में किया गया है, जो मनुष्य स्वयं रचता है। ये दीवारें अहंकार, जातिवाद, घर्म, भाषा, वर्गंभेद, ईष्यां, संकीर्ण सोच से बनती हैं। कवि कहता है कि ऐसी दीवारें न गिनी जा सकती हैं, न मापी जा सकती हैं-वे असीम और अदृश्य हैं।
ये मनुष्य को एक-दूसरे से भावनात्मक और मानसिक रूप से अलग करती है। यह पंक्ति पाठक को आंतरिक समीक्षा के लिए प्रेरित करती है-क्या हमारी दीवारें फेकल बाहर हैं या हमारे अंदर भी हैं?
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प्रश्न 4.
कविता से आपको कौन-कौन सी सामाजिक शिक्षाएँ मिलती हैं? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर :
यह कविता हमें कई गहरी सामाजिक शिक्षाएँ देती है। सबसे पहली शिक्षा यह है कि मनुष्य को अपने अहंकार, स्वार्थ और नकारात्मक सोच से ऊपर उठना चाहिए। कविता बताती है कि छोटे-से कमरे में भी मतभेद उत्पन्न करना मनुष्य की असहिष्णु प्रवृत्ति को दर्शाता है। इसके विपरीत, हमें चाहिए कि हम सहयोग, संबाद और सह-अस्तित्व को अपनाएँ। यह कविता भाईचारे, सामाजिक एकता, शांति और संवेदना की भावना जगाती है। साथ ही यह भी सिखाती है कि सच्चा विकास आत्मचितन और अपने भीतर की सीमाओं को तोडने से होता है, न कि दूसरों को बाँटने से।
Class 8 Hindi Chapter 9 Extra Questions and Answers अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
1. दो व्यक्ति कमरे में
कमरे से छोटे-
कमरा है घर में
घर है मुहल्ले में
मुहल्ला नगर में
नगर है प्रदेश में
प्रदेश कई देश में
देश कई पृथ्वी पर
अनगिन नक्षत्रों में
पृथ्वी एक छोटी
करोड़ों में एक ही
सबको समेटे है
परिधि नभ गंगा की
लाखों ब्रह्मांडों में
अपना एक ब्रह्मांड (पृष्ठ 126)
प्रश्न-
प्रश्न 1.
कवि मनुष्य के अस्तित्व के बारे में क्या कहते हैं?
उत्तर:
मनुष्य विशालकाय ब्रह्मांड का हिस्सा मात्र है। मनुष्य का जीवन ब्रह्मांड की तुलना में अत्यंत छोटा है।
प्रश्न 2.
आदमी का आकार कैसा है?
उत्तर:
आदमी का आकार लघु है। वह वैश्विक श्रृंखला की एक कड़ी है।
प्रश्न 3.
‘देश पृथ्वी में, पृथ्वी अनगिन नक्षत्रों में-इन पंक्तियों का क्या संदेश है?
उत्तर :
इन पंक्तियों से ब्रह्यांड की विशालता का बोध होता है। हमारा देश भी संपूर्ण पृथ्वी का भाग है और पृथ्वी भी अनगिनत नक्षत्रों में एक है। इससे हमें अपनी सीमितता और ब्रह्मांड की ब्यापकता का एहसास होता है। यह विनम्रता और वैश्विक सोच की प्रेरणा देता है।
प्रश्न 4.
इस काव्यांश में जो क्रम द्विखाया गया है, उसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर :
इस काव्यांश में छोटे से बड़े की दिशा में एक क्रमबद्ध विस्तार दिखाया गया है-कमरे से लेकर ब्रह्मांड तक। इस क्रम के माध्यम से कवि ने यह स्पष्ट किया है कि प्रत्येक व्यक्ति का अस्तित्व किसी-न-किसी बड़े ढाँचे से जुड़ा होता है, इसलिए हमें संकुचित दृष्टिकोण से बचना चाहिए और ब्यापक सोच अपनानी चाहिए।
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प्रश्न 5.
‘अनगिन नक्षत्रों में’ का अर्थ क्या है?
उत्तर :
‘अनगिन नक्षंत्रों में’ का तात्पर्य है-अनगिनत तारे या प्रह-नक्षत्र, जो ब्रह्मांड में विद्यमान हैं। यह पंक्ति ब्रह्मांड की विशालता, रहस्य और उसकी सीमा रहित प्रकृति को दर्शाती है।
2. हर ब्रह्मांड में
कितनी ही पृथ्वियाँ
कितनी ही भूमियाँ कितनी ही सृष्टियाँ
यह है अनुपात
आदमी का विराट से
इस पर भी आदमी
ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा, अविश्वास लीन
संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है
अपने को दूजे का स्वामी बताता है
देशों की कौन कहे
एक कमरे में
दो दुनिया रचाता है (पृष्ठ 126-127)
प्रश्न-
प्रश्न 1.
मनुष्य का स्वभाव कैसा है ? कविता के आधार पर लिखें-
उत्तर:
मनुष्य ने अपने स्वभाव को स्वार्थ और अहंकार में लीन कर लिया है। अहं, द्वेष, नफरत जैसी नकारात्मक भावनाएँ आज मनुष्य को घेर चुकी हैं।
प्रश्न 2.
कवि ने किसकी कामना की है?
उत्तर:
कवि ने मनुष्य और मनुष्य के बीच राग-द्वेष से दूर होने की कामना की है। वह सृष्टि का अंग है और सौहार्द व प्रेम से जीवन जीये।
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Class 8 Hindi Chapter 9 Extra Questions for Practice
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
कविता में ‘आदमी का अनुपात’ किसकी तुलना में दर्शाया गया है?
(क) प्रकृति से
(ख) ब्रह्मांड से
(ग) देश से
(घ) घर से
प्रश्न 2.
‘परिधि नभ गंगा की – इस पंक्ति में ‘नभ गंगा’ से तात्पर्य है
(क) गंगा नदी का आकाश में प्रवाह
(ख) आकाश में बहने वाली हवा
(ग) तारों का एक विशाल समूह अर्धात् आकाशगंगा
(घ) वर्षा की बूँदें जो आकाश से गिरती हैं
प्रश्न 3.
कविता में मनुष्य की कौन-सी प्रवृत्ति की आलोचना की गई है?
(क) सहानुभूति
(ख) अहंकार
(ग) विनग्रता
(घ) करुणा
प्रश्न 4.
इस कविता का मुख्य संदेश क्या है?
(क) मनुष्य का व्रह्मांड में बड़ा होना
(ख) मनुष्य का अहंकारिक और सीमा में बँधना
(ग) पृथ्वी की सुंदरता
(घ) देशभक्ति
प्रश्न 5.
कविता में ‘दो दुनिया’ किसका संकेत है?
(क) प्रेम और नफरत
(ख) भेढभाव और मतभेद
(ग) सुख और दुःख
(घ) शांति और युद्ध
काव्यांश पर आधारित प्रश्न
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
यह है अनुपात
आदमी का विराट से
इस पर भी आदमी
ईर्ष्या, अहं, स्वार्थ, घृणा, अविश्वास लीन
संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है
अपने को दूजे का स्वामी बताता है
देशों की कौन कहे एक कमरे में
दो दुनिया रचाता हैं
प्रश्न 1.
‘विराट’ का अर्थ क्या है?
(क) छोटा
(ख) विशाल
(ग) कमजोर
(घ) मध्यम
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प्रश्न 2.
दिए गए में से कौन-सा मनुष्य का नकारात्मक गुण कविता में दर्शाया गया है?
(क) सहयोग
(ख) स्वार्थ
(ग) प्रेम
(घ) धैर्य
प्रश्न 3.
‘अविश्वास लीन’ का क्या अर्थ है?
(क) ईश्वर पर भरोसा करना
(ख) दूसरों पर संदेह करने और उन पर विश्वास न करने की भावना
(ग) मनुष्य का केवल काम में इटे रहना
(घ) अपने भविष्य के प्रति चिंतित होना
प्रश्न 4.
कविता में व्यंम्य का कौन-सा रूप मुख्य रूप से दृष्टिगोचर है?
प्रश्न 5.
‘हर ब्रह्मांड में कितनी ही पृथ्वियाँ’ – इस कथन से कवि क्या बताना चाहता है?
प्रश्न 6.
काव्यांश के अनुसार कौन स्वयं को दूने का स्वामी बताता है?
1. निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़िए और सही (✓) या गलत (✗) वाक्यों को चुनकर निशान लगाएँ-
(क) कविता का उद्देश्य मानव को उसके अस्तित्व के अनुपात का बोध कराना है। ( )
(ख) कवि ने अहंकार को त्यागने की सीख दी है। ( )
(ग) मनुष्य अहंकार और स्वार्थ में लीन नहीं है। ( )
(घ) ब्रह्मांड हमें हमारी सीमाओं और सत्य का बोध कराता है। ( )
(ङ) आज मानव अंतरिक्ष में पहुँच गया है लेकिन हृदय की भावनाओं को समझ नहीं पाता। ( )
(च) एक कमरे में दो आदमी भी मिलकर नहीं रह पाते। ( )
(छ) आदमी ने काँच की दीवारें खड़ी कर ली हैं। ( )
2. ‘अनगिन’ शब्द में अन् उपसर्ग का प्रयोग हुआ है। ‘अन्’ उपसर्ग से दो-दो नए शब्द बनाइए। इसी प्रकार ‘प्र’ उपसर्ग से भी नए शब्द बनाकर लिखिए।

3. कविता में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों के विपरीतार्थक शब्द लिखें-

4. हिंदी वर्णमाला में पंचम वर्ण के स्थान पर अनुस्वार (⋅) का प्रयोग किया जाता है।
ङ्, ञ्, ण्, न्, म् – ये पंचमाक्षर हैं।
अब ‘आदमी का अनुपात’ कविता से अनुस्वार के प्रयोग वाले शब्द छाँटकर लिखिए।
5. अनेकता का बोध कराने वाले शब्दों को बहुवचन कहते हैं। कविता ‘आदमी का अनुपात’ से बहुवचन रूप में प्रयुक्त शब्दों को ढूँढकर कर लिखिए।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द अथवा एक पंक्ति में दीजिए-
प्रश्न 1.
‘आदमी का अनुपात’ कविता में कौन-कौन सी नकारात्मक भावनाओं को दर्शाया गया है?
प्रश्न 2.
गिरिजा कुमार माथुर द्वारा रचित कृतियों के नाम लिखिए।
प्रश्न 3.
कविताओं के अतिरिक्त गिरिजा कुमार माथुर ने अपने हिंदी लेखन में किन-किन विधाओं को अपनाया है?
प्रश्न 4.
‘अनुपात’ शब्द का अर्थ क्या है?
प्रश्न 5.
कविता में ” एक कमरे में दो दुनिया” का क्या अर्थ है?
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प्रश्न 6.
कविता में ‘दूजे का रूवामी बताना’ किसका प्रतीक है?
प्रश्न 7.
‘लाखों ब्रह्मांडों में अपना एक ब्रह्मांड’ से क्या संकेत्त मिलता है?
प्रश्न 8.
‘एक कमरे में दो दुनिया’ की पंक्ति से क्या अभिप्राय हैं?
प्रश्न 9.
कविता में अहंकार और स्वार्थ के संदर्भ में क्या शिक्षा है?
लघु उत्तरीय प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में दीजिए-
प्रश्न 1.
गिरिजा कुमार माथुर को किस रूप में जाना जाता है।
प्रश्न 2.
यह कविता आत्मचिंतन के लिए कैसे प्रेरित करती है?
प्रश्न 3.
कविता जीवन की सच्चाई को व्यक्त करती है। कैसे?
प्रश्न 4.
किस प्रकार मानव अपने अहं में विराट शक्ति से तादात्म्य की अनुभूति खो बैठता है ?
प्रश्न 5.
लाखों ब्रह्मांडों के आगे मानव की शक्ति कितनी बड़ी या छोटी है?
प्रश्न 6.
कविता में ‘ईर्ष्या शब्द का क्या अर्थ है?
प्रश्न 7.
कवि ने ‘शंख सी दीवारे’ क्यों बताई हैं?
प्रश्न 8.
‘कविता में मानव का अनुपात’ किससे संबंध रखता है?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में दीजिए-
प्रश्न 1.
आज के परिदृश्य में ‘आदमी का अनुपात’ कविता कितनी सटीक है। अपने विचार तर्क सहित प्रस्तुत कीजिए।
प्रश्न 2.
‘मानव की शक्ति भौतिक रूप से नहीं, नैतिक व्यवहार में निहित है।’ कथन को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए ।
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प्रश्न 3.
‘आदमी का अनुपात’ कविता मानव की वर्तमान समय की सामाजिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर क्या व्यंग्य करती हैं? तर्क सहित विस्तार से उत्तर दीजिए ।
प्रश्न 4.
कविता में मानव और ब्रह्मांड के अनुपात की प्रस्तुति का विश्लेषण कीजिए।
प्रश्न 5.
कविता में मानव के नकारात्मक भावों की व्याख्या कीजिए।
प्रश्न 6.
कविता से आपको कौन-कौन से सामाजिक और दार्शनिक संदेश प्राप्त होते हैं?
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