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Class 7 Social Science Chapter 2 Question Answer in Hindi मौसम को समझना
मौसम को समझना Question Answer in Hindi
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान पाठ 2 के प्रश्न उत्तर मौसम को समझना
प्रश्न 1.
हम अपने आस-पास के मौसम का आकलन एवं निरीक्षण किस प्रकार कर सकते हैं? (पृष्ठ 27)
उत्तर:
हम अपने आस-पास के मौसम का आकलन एवं निरीक्षण प्राकृतिक संकेतों और वैज्ञानिक उपकरणों की सहायता से कर सकते हैं।
(i) प्राकृतिक संकेतों द्वारा
- आकाश के रंग और बादलों को देखकर वर्षा या साफ मौसम का अनुमान लगाया जा सकता है।
- हवा की गति, दिशा और उमस से मौसम में परिवर्तन का आभास होता है।
- पक्षियों और जानवरों के व्यवहार से भी हमें मौसम में परिवर्तन के संकेत मिलते हैं, जैसे-
- पक्षियों का कम ऊँचाई पर उड़ना।
- अंडे ले जाती हुई चींटियाँ।
- भोजन को एकत्र करती हुई गिलहरियाँ।
- मेढ़कों की तेज टरटराहट।
- चीड़ वृक्ष के शंकुओं का खुलना और बंद होना।
उपरोक्त उदाहरण हमें आने वाली वर्षा अथवा तूफान की जानकारी प्रदान करते हैं।
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(ii) वैज्ञानिक उपकरणों की सहायता से
- थर्मामीटर-तापमान मापने के लिए।
- बैरोमीटर-वायुदाब मापने के लिए।
- हाइग्रोमीटर-आर्द्रता मापने के लिए।
- एनीमोमीटर-हवा की गति को मापने के लिए।
- रेन गेज-वर्षा की मात्रा को मापने के लिए।
- विंड वेन-हवा की दिशा को जानने के लिए।
प्रश्न 2.
भारी वर्षा, तूफान, सूखा और ताप लहर ( हीट वेव) जैसी घटनाओं के लिए तैयार रहने में मौसम की भविष्यवाणियाँ किस प्रकार हमारी सहायता करती हैं? (पृष्ठ 27)
उत्तर:
मौसम की भविष्यवाणियाँ हमें प्राकृतिक आपदाओं से पहले सावधानी बरतने और नुकसान को कम करने में सहायता करती हैं। भारत मौसम विभाग जैसे-संस्थान उपग्रहों, रडार और मौसम उपकरणों की मदद से आने वाले दिनों का अनुमान लगाते हैं।
- भारी वर्षा के समय-चेतावनी मिलने पर लोग निचले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर जा सकते हैं।
- तूफान आने पर-तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर जा सकते हैं तथा मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की चेतावनी दी जा सकती है।
- सूखा पड़ने की संभावना होने पर-सूखे की भविष्यवाणी के आधार पर किसान जल संरक्षण, सूखारोधी फसलें अपनाने के साथ-साथ वैकल्पिक सिंचाई की योजना बना सकते हैं।
ताप लहर ( हीट वेव)-लोगों को अधिक धूप में न जाने, पानी अधिक पीने और ठंडे अथवा छायादार स्थानों पर रहने की सलाह दी जा सकती है।
इस प्रकार हम कह सकते हैं कि मौसम की सटीक भविष्यवाणियाँ हमें जीवन, संपत्ति और कृषि की रक्षा करने में मद्द करती हैं तथा आपदाओं के प्रभाव को कम कर देती हैं।
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आइए पता लगाएँ (पृष्ठ 28)
प्रश्न 1.
आप अपनी स्थानीय भाषा में मौसम का वर्णन करने के लिए किन-किन शब्दों का प्रयोग करते हैं? हॉट, कोल्ड, वॉर्म, चिली, क्रिस्प, प्लेजेंट आदि सामान्यत: अंग्रेजी भाषा में उपयोग किए जाने वाले शब्द हैं।
उत्तर:
हम अपनी स्थानीय भाषा (हिंदी) में मौसम का वर्णन करने के लिए प्राय: निम्न शब्दों का उपयोग करते हैं-
| अंग्रेजी भाषा में | हिंदी भाषा में |
| (i) हॉट | बहुत गरम |
| (ii) कोल्ड | ठंडा |
| (iii) वॉर्म | कम गरम |
| (iv) चिली | ठिठुरन भरा (अधिक ठंडा) |
| (v) क्रिस्प | ताजा और सुखद (वसंत का मौसम-ऐसा मौसम जिसमें कम ठंडी और शुष्क हवा के साथ मौसम साफ और उज्ज्वल होता है।) |
| (vi) प्लेजेंट | सुहावना (ना कम ना अधिक तापमान, साफ आसमान) |
| (vii) विंडी | तेज हवा वाला मौसम |
| (viii) फोगी | कोहरा वाला दिन |
| (ix) हयूमिड | उमस भरा |
| (x) रेनी | वर्षा वाला |
प्रश्न 2.
आपके अनुसार मौसम के अधिक सटीक आकलन के क्या लाभ हो सकते हैं? ( संकेत-कुछ घंटे अथवा कुछ दिन पहले मौसम के विषय में पूर्व जानकारी आपको कुछ गतिविधियों की योजना बनाने में किस प्रकार सहायता करेगी? ) (पृष्ठ 29)
उत्तर:
हमारे अनुसार मौसम के अधिक सटीक आकलन से जीवन सुरक्षा, आर्थिक बचत और प्राकृतिक आपदाओं की तैयारी आसान होती है।
मौसम के सटीक आकलन के लाभ
- कृषि में लाभ-किसानों को सही समय पर बीज बोने, सिंचाई करने और फसल कटाई करने की जानकारी मिलती है। सूखा या भारी वर्षा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
- आपदा प्रबंधन-तूफान, बाढ़, भारी वर्षा, सूखा और ताप लहर जैसी आपदाओं की पूर्व चेतावनी से जन और धन की हानि को सीमित किया जा सकता है। इससे बचाव और राहत कार्यों की योजना बनाने और उनको लागू करने में सहायता मिलती है।
- स्वास्थ्य-गर्मी, ठंड, उमस, वर्षा आदि की चेतावनी मिलने पर वायरल बीमारियाँ और मौसम संबंधी रोगों से बचाव संभव होता है।
- आर्थिक लाभ-कृषि, पर्यटन, उर्जा और व्यापार में मौसम आधारित योजना बनाकर नुकसान कम किया जा सकता है।
प्रश्न 3.
अपने आस-पड़ोस के बुजुर्गों से बात कीजिए और उनसे पूछिए कि वे मौसम का पूर्वानुमान कैसे लगाते हैं? वे किन संकेतकों का अवलोकन करते हैं?अपनी क्षेत्रीय भाषा में प्रचलित कुछ कहावतें, जो मौसम के पूर्वानुमान से संबंधित हों, उन्हें लिखिए।(पृष्ठ 30)
उत्तर:
बुजुर्ग लोगों से बात करने पर ज्ञात होता है कि वे प्राय: मौसम का पूर्वानुमान निम्नलिखित संकेतों के आधार पर लगाते हैं-
- आकाश और बादल-आकाश का रंग, बादलों का रंग और उनकी गति देखकर वर्षा या साफ मौसम का अंदाजा लगाते हैं।
- पक्षियों और जानवरों का व्यवहार-पक्षियों, गिलहरी, चींटियों, गिरगिट, मेढ़क, सांप आदि के व्यवहार से मौसम की जानकारी मिलती है।
- हवा और उमस-हवा की दिशा, गति और वातावरण में उमस देखकर भी मौसम का आकलन किया जाता है।
- सूर्य, चंद्रमा तथा नक्षत्रों को देखकर-उगते और डूबते सूर्य और चंद्रमा के रंगों के आधार पर तथा नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर भी मौसम का आकलन किया जाता है।
हिंदी भाषा में प्रचलित मौसम के पूर्वानुमान से संबंधित कुछ कहावतें-
(i) “उलटे गिरगिट ऊँचे चढ़ै।
बरखा होई भूंइ चल बुडै।”
अर्थ-यदि गिरगिट उल्टा पेड़ पर चढ़े तो वर्षा इतनी अधिक होगी कि धरती पर जल ही जल दिखेगा।
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(ii) “करिया बादर जीउ डरवावै।
भूरा बादर नाचत मयूर पानी लावै।”
अर्थ-आसमान में यदि घनघोर काले बादल छाए हैं, तो तेज वर्षा का भय उत्पन्न होगा, लेकिन पानी बरसने के आसार नहीं होंगे। परंतु यदि बादल भूरे रंग के हैं और मोर नाचना शुरू कर देते हैं तो समझो पानी निश्चित रूप से बरसेगा।
(iii) “आदि न बरसे आर्द्रा, हस्त न बरसे निदान।
कहे घाघ सुन घाघिनी, भये किसान पिसान।” अर्थ-कवि घाघ अपनी पत्नी से कहता है कि यदि आर्द्रा नक्षत्र के आरंभ और हस्त नक्षत्र के अंत में वर्षा नहीं हुई, तो किसान की स्थिति कठिन हो जाएगी।
प्रश्न 4.
यहाँ मध्य प्रदेश में एक नगर के तापमान को एक तालिका द्वारा प्रस्तुत किया गया है। सप्ताह में अधिकतम और न्यूनतम तापमान कितना है? ताप सीमा ( रेंज ) का आकलन कीजिए। ( पृष्ठ 32-33)

उत्तर:
- सप्ताह में अधिकतम तापमान -32°C
- सप्ताह में न्यूनतम तापमान -14°
- ताप सीमा = अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
- ताप सीमा =32°C-14°C=18°C
प्रश्न 5.
कृष्णन और आमिर वे बीच हुए वार्तालाप को याद करें। अगर कृष्णन कहता है कि चेन्नई में तापमान 20 डिग्री सेल्सियस है और उसे थोड़ी ठंड लग रही है, तो उसके और आमिर के पास कोई साधन होगा जिससे वे दोनों इसे समझ सकते हों। आमिर द्वारा कृष्णन के कथन पर दी गई प्रतिक्रिया के बारे में आप क्या सोचते हैं? (पृष्ठ 33)
उत्तर:
आमिर की प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि वह जहाँ रहता है वहाँ की जलवायु कैसी है। चूँकि आमिर कश्मीर में रहता है जहाँ सर्दी के मौसम में तापमान 0° से नीचे चला जाता है। अतः जब कृष्णन ने उसे बताया कि चेन्नई का तापमान 20°C है और उसे ठंड लग रही है तो वह कुछ इस प्रकार कह सकता है कि 20°C तापमान पर तुम्हें ठंड लग रही है यह तो मेरे लिए सुहावना मौसम है।’
दूसरी ओर, यदि आमिर को चेन्नई के मौसम की जानकारी है तो उसकी प्रतिक्रिया कुछ इस प्रकार हो सकती है कि ‘बिल्कुल 20°C तो चेन्नई के लिए ठंडा ही कहा जाएगा।’ यह बातचीत हमें दर्शाती है कि तापमान का अनुभव इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस प्रकार के मौसम का अभ्यस्त है।
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प्रश्न 6.
नीचे दर्शाए गए चित्रानुसार एक वर्षामापी बनाइए। वर्षामापी को खुले स्थान में रखिए और ऐसी वस्तुओं से दूर रखिए, जो वर्षा के जल संग्रहण में बाधक हो सकती हैं। यह भी सुनिश्चित कीजिए कि वर्षामापी समतल सतह पर हो और हवा से झुके अथवा गिरे नहीं। मापक की सहायता से वर्षा की मात्रा को प्रतिदिन एक ही समय पर एक महीने तक अभिलेखित कीजिए (यदि हिमपात होती है, तो उसे मापने से पहले पिघलने दीजिए )। उस महीने के प्रत्येक सप्ताह में होने वाली औसत वर्षा की गणना कीजिए तथा सप्ताह दर सप्ताह में होने वाली वर्षा के अंतर पर टिप्पणी कीजिए। (पृष्ठ 34)
उत्तर:

उत्तर:
- मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 19 मई 2024 को जारी इस मानचित्र से ज्ञात होता है कि मई माह में उत्तर भारत के मैदान तथा दक्षिणी राज्यों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही तेज धरातलीय हवाओं के साथ बादलों की तेज गरज और चमक एवं दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में वर्षा की भी संभावना है।
- राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल तथा तमिलनाडु में चेतावनी के संकेत हैं।
- मानचित्र में कोई भी राज्य भीषण मौसमी घटनाओं से मुक्त नहीं है।
- राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा बिहार राज्यों में तापलहर की संभावना है।
- लक्षद्वीप में तेज गरज और चमक के साथ भारी वर्षा की संभावना है तथा त्रिपुरा में सावधान रहने की चेतावनी है।
मौसम को समझना Class 7 Question Answer in Hindi
Class 7 Samajik Vigyan Chapter 2 Question Answer
प्रश्न 1.
मौसम के तत्वों का उनको मापने वाले उपकरणों के साथ मिलान कीजिए।

उत्तर:
| प्रयुक्त उपकरण | मौसम के तत्व |
| 1. आर्द्रतामापी (हाइग्रोमीटर) | (घ) आर्द्रता |
| 2. पवन वेगमापी (एनीमोमीटर) | (ग) वायु की दिशा और गति |
| 3. वायुदाबमापी (बैरोमीटर) | (ख) वायुमंडलीय दबाव |
| 4. तापमापी (थर्मामीटर) | (ङ) तापमान |
| 5. वर्षामापी (रेन गेज) | (क) वर्षण (प्रेसिपिटेशन) |
प्रश्न 2.
ज्योत्सना यह सोच रही है कि जून में मुंबई में अपनी विद्यालय यात्रा के समय कौन-से कपड़े साथ ले जाए। वह मौसम के पूर्वानुमान को देखती है, जो 29 डिग्री सेल्सियस और 84 प्रतिशत आर्द्रता की भविष्यवाणी करता है। आप उसको क्या सलाह देंगे?
उत्तर:
ज्योत्सना को सलाह देते समय तीन बिंदुओं को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है-
- मुंबई समुद्र तट पर स्थित है, जहाँ जून माह में मानसूनी वर्षा आरंभ हो जाती है।
- जून माह में वहाँ का अनुमानित तापमान 29°C है।
- 29°C पर 84% आर्द्रता मौसम को उमस भरा बना देती है, जिसमें पसीना बहुत आता है।
उपरोक्त बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए हम ज्योत्सना को सलाह देंगे कि उसे हल्के सूती कपड़ों का चयन करना चाहिए तथा वर्षा से बचाव के लिए रेनकोट तथा छाता भी ले जाना चाहिए।
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प्रश्न 3.
कल्पना कीजिए कि आपका एक छोटा समूह वर्षामापी यंत्र स्थापित कर रहा है। यहाँ उसे स्थापित करने के स्थान के कुछ विकल्प दिए गए हैं-
1. विद्यालय का सब्जी उद्यान।
2. विद्यालय भवन की छत।
3. ऊँचे चबूतरे के साथ खुला मैदान।
4. विद्यालय परिसर की दीवार।
5. विद्यालय प्रयोगशाला का बरामदा।
अपने समूह के साथ चर्चा कीजिए और सर्वाधिक उपयुक्त स्थान का निर्धारण कीजिए। अपने निर्णय के कारणों को लिखिए।
उत्तर:
समूह में चर्चा करने के उपरांत पाया कि वर्षामापी यंत्र स्थापित करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है-
विकल्प 3. ऊँचे चबूतरे के साथ खुला मैदान।
कारण
- वर्षामापी यंत्र को स्थापित करते समय ध्यान रखना होता है कि-
- वह स्थान समतल हो जिससे वर्षामापी के लुढ़कने की कोई आशंका ना हो।
- वर्षामापी को धरातल से कम-से-कम 30 से.मी. ऊपर रखा जाता है। ताकि बाहर की बूँदें वर्षामापी में ना जा सकें।
- वर्षामापी को अधिक ऊँचाई पर नहीं रखा जाता है क्योंकि ऊँचाई पर तेज हवा के कारण बूँदे विखर जाती हैं।
- वर्षामापी को सदैव वृक्षों, भवनों तथा ऊँची वस्तुओं से दूर रखा जाता है।
अतः उपरोक्त कारणों के आधार पर ऊँचे चबूतरे के साथ खुला मैदान ही सबसे उपयुक्त विकल्प है।
प्रश्न 4.
नीचे भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, जम्मू और कश्मीर से ली गई एक सारणी है। उपलब्ध आँकड़ों को देखते हुए, दिखाए गए दिन को, जम्मू और कश्मीर के विभिन्न भागों में मौसम की स्थिति को दर्ज करने हेतु एक लघु आलेख लिखिए। (संकेत-ताप सीमा, अधिकतम और न्यूनतम तापमान, आर्द्रता, वर्षा आदि को सम्मिलित करें।)

ध्यान दें-ACT (एक्चुअल अर्थात वास्तविक), NOR (नॉर्मल अर्थात सामान्य), DEP (डिपार्चर अर्थात सामान्य से हटकर), R/F (रेनफॉल अर्थात वृष्टि), S/N (स्नोफॉल अर्थात हिमपात), TR (ट्रेस अमाउंट अर्थांत वर्षण की माप)।
उत्तर:
- नमस्कार! प्रस्तुत है आज की जम्मू और कश्मीर की मौसम की जानकारी
- श्रीनगर में अधिकतम तापमान 6.5°C और न्यूनतम तापमान -5.4°C दर्ज किया गया है जो सामान्य से थोड़ा कम है। यहाँ 6.35 मि. मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई है और आर्द्रता का स्तर 97 % रहा है।
- काजीगुंड में दिन का तापमान 8.9°C और रात का तापमान -5.2°C रहा, यह दोनों ही सामान्य से कम है। यहाँ लगभग 25.8 मि.मी. वर्षा हुई।
- पहलगाम में तापमान 5.1°C से -11.1°C के मध्य रहा और यहाँ पर 21.2 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई।
- कुपवाड़ा में अधिकतम तापमान 8.5°C तथा न्यूनतम तापमान -5.4°C रहा जबकि यहाँ 30 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई।
- गुलमर्ग में कड़ाके की ठंड रही। यहाँ का अधिकतम तापमान -2.6°C तथा न्यूनतम तापमान -7.6°C रहा। इसके साथ ही यहाँ 35 मि.मी. वर्षा/हिमपात दर्ज किया गया।
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- जम्मू में दिन का मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहा। यहाँ अधिकतम तापमान 18.0°C और न्यूनतम तापमान 4.0°C रहा और 0.8 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई। यहाँ सुबह की आर्द्रता लगभग 93% दर्ज की गई। कुल मिलाकर जम्मू और कश्मीर के अधिकांश भागों में मौसम की स्थिति सर्द बनी हुई है। कई स्थानों कुल मिलाकर जम्मू और कश्मीर के अधिकांश भागों में मौसम की स्थिति सर्द बनी हुई है। कई स्थानों
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