Students revise important topics using Extra Questions for Class 7 Social Science and Class 7 SST Part 1 Chapter 8 भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं Extra Questions before exams.
भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं Class 7 Extra Question Answer
Class 7 SST Chapter 8 Extra Question Answer in Hindi भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं
अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
महाबोधि स्तूप/मंदिर का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
बोधगया (बिहार) का महाबोधि मंदिर वह पवित्र स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
प्रश्न 2.
महाबोधि मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
उत्तर:
महाबोधि मंदिर का मूल निर्माण सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी (लगभग 260 ईसा पूर्व) में करवाया था।
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प्रश्न 3.
सबरीमाला मंदिर कौन-सी पहाड़ी पर स्थित है?
उत्तर:
यह पश्चिमी घाट पर्वत शृंखला की सबरीमाला पहाड़ी मर स्थित है।
प्रश्न 4.
रामेश्वरम किसलिए प्रसिद्ध है?
उत्तर:
रामेश्वरम हिंदुओं के चार प्रमुख धामों में से एक है। यह रामनाथ स्वामी मंदिर और द्वादश (12) ज्यातिर्लिंगों में से एक होने के कारण विश्व प्रसिद्ध है।
प्रश्न 5.
शक्तिपीठों की संख्या कितनी हैं और इनका संबंध किससे है?
उत्तर:
शक्तिपीठों की संख्या 51 है और यह सती के रूप में माता आदि शक्ति की पूजा के महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थल हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
तीर्थंकर किसे कहते हैं?
उत्तर:
तीर्थकर वह है जो तीर्थ का संस्थापक या निर्माण करने वाला होता है अर्थात जो आध्यात्मिक या उच्चतर जीवन की ओर मार्गदर्शन करता है। जैन धर्म में तीर्थ सर्वोच्च धर्मोपदेशक होते हैं जो आत्मज्ञान का मार्ग दिखाते हैं।
प्रश्न 2.
पंढरपुर वारी क्या है? यह परंपरा कितनी पुरानी है?
उत्तर:
पंढरपुर वारी धार्मिक पदयात्रा है। नियमित रूप से होने वाली इस वार्षिक तीर्थयात्रा में यात्री विशाल समूह में 21 दिनों तक पैदल चलकर महाराष्ट्र के पंढरपुर में स्थित भगवान विठोबा मदिर में दर्शन के लिए जाते हैं। पंढरपुर वारी परंपरा 800 वर्ष पुरानी मानी जाती है यात्रा का उद्देश्य भक्ति, अनुशासन और मानव एकता को प्रकट करना है।
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प्रश्न 3.
कर्नाटक के बेलुर मंदिर का निर्माण किसने और कब कराया था? मंदिर की कला की विशेषताएँ लिखिए?
उत्तर:
बेलुर का प्रसिद्ध चेन्नाकेशव (भगवान विष्णु) मंदिर होयसला वंश के राजा विष्णुवर्धन ने 1117 ईस्वी में काराया था। मंदिर की शिल्पकला और मूर्तिकला उत्कृष्ट है। संगमरमर और ग्रेनाइट पत्थरों पर जीवंत और सुंदर नक्काशी की गई है। नक्काशी में पौराणिक कथाओं, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे और प्राकृतिक दृश्यों को सुंदरता से दर्शाया गया है।
प्रश्न 4.
बेलुर मंदिर में भगवान विष्णु के वराह अवतार के चित्र की क्या विशेषता है?

उत्तर:
बेलुर मंदिर में वराह अवतार का चित्र पृथ्वी (भूदेवी) की रक्षा करने, प्रकृति और संसार की सुरक्षा का संदेश देता है। यह चित्र शिल्पकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
भारत में तीर्थयात्रा करते समय तीर्थयात्रियों को देश की विविधता और एकता का किस प्रकार अनुभव होता है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारतीय उपमहाद्वीप में तीर्थयात्रा आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक ज्ञान का भी माध्यम बनती है। जब तार्थयात्री देश के विभिन्न दिशाओं में स्थित पवित्र स्थलों की यात्रा करते हैं, तो वे धार्मिक परंपराओं को निभाते हुए पूरे भारत की विविधता को भी निकट से देखते और अनुभव करते हैं।
यात्रा के दौरान तीर्थयात्री विभिन्न भाषाओं, बोलियों और लिपियों के संपर्क में आते हैं। उत्तर भारत में हिंदी के अलग-अलग रूप, पंजाबी, पश्चिम में गुजराती, पूर्व में उड़िया, बंगाली आदि तो वहीं दक्षिण भारत में तेलगु, तमिल, कन्नड़ व मलयालम हैं। इससे यात्री भारत की भाषा, संस्कृति तथा विविधिता से परिचित होते हैं।
हर क्षेत्र/स्थल के अपने विशिष्ट रीति-रिवाज, आचार-व्यवहार, खान-पान, पहनावा, त्योहार-उत्सव की संस्कृति का भी ज्ञान होता है। जैसे-माँ गंगा आरती, पुरी की रथयात्रा, मथुरा-वृंदावन के राधा-कृष्ण उत्सव, अमृतसर में स्वर्ण मंदिर की परंपराएँ, जैन और बौद्ध पूजा पद्धति और दक्षिण भारत में मंदिरों की भव्यता, शिल्पकला, वास्तुकला, पांरपरिक भोजन इत्यादि तीर्थयात्री को भारत की सांस्कृतिक विरासत और समरूपता से परिचित कराती है।
इसके अतिरिक्त विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाने वाले समान धार्मिक मूल्यों, आस्थाओं और एक जैसे आध्यात्मिक विचारों को देखकर तीर्थयात्रियों को विविधताओं में भी अटूट एकता और सौहार्द की अनुभूति होती है।
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प्रश्न 2.
भारत के पारंपरिक तीर्थ और पावन स्थल न केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक है, बल्कि वे भौगोलिक चेतना और प्रकृति के प्रति सम्मान को भी दर्शांते हैं। विचार प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
भारत के पांरपरिक तीर्थ और पावन स्थल केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं है, बल्कि वे देश की भौगोलिक चेतना और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और पर्यावरण सरक्षण के गहन अंतसंबंध को प्रकट करते हैं। हिमालय में केदारनाथ हिमालय की ऊँचाई और कठिन यात्रा मार्ग भक्तों को भौगोलिक स्थिति और कठिनाईयों से परिचित कराता है। रामेश्वरम तीर्थ दक्षिण भारत का समुद्री भूगोल और द्वीपों की विशेषता दर्शाता है।
राजस्थान का पुष्कर तीर्थ शुष्क क्षेत्र में स्थित जल स्रोतों के महत्त्व को उजागर करता है। गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, सरबू जैसी नदियाँ केवल जल स्रोत नहीं मानी गई, वे जीवन देवी मौं के रूप में पूजनीय हैं। इसी भावना से सदियों तक इनका संरक्षण होता रहा है। पर्वतीय श्रृंखलाओं को ‘देवी-देवताओं’ के समान माना जाता है जिससे लोगों में पर्वतों के प्रति श्रद्धा और रक्षा की भावना उत्पन्न हुई। पेड़-पौधों, वनों, झीलों और सरोवरों को पंवित्र मानना लोगों को उनके दोहन और क्षय से रोकता है।
चार धाम यात्रा लोगों को अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों से जोड़ती हैं, जिससे उनकी स्थान विशेष या भूभाग के प्रति जागरूकता विकसित होती है। प्रकृति को देवी या देवता का रूप देना और उनकी पूजा करना भारतीय संस्कृति में आम है। जैसे-तुलसी, पीपल, वटवृक्ष, बेल, अशोक, आम आदि पेड़-पौधों को पूजनीय माना जाता है।
इससे प्रकृति का रक्षण होता है। धर्म और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक हैं और भारतीय परंपरा में तीर्थस्थलों का निर्माण पर्यावरणीय समझ और प्राकृतिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया। आज हमारी राष्ट्रीय धरोहर की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। उचित देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के द्वारा हमें अपने पावन स्थल प्रदूषित होने से बचा सकते हैं।
योग्यता आधारित प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
पूर्वकाल में लोगों और पावन भौगोलिक क्षेत्र के बीच कैसे संबंध थे और उनका भारतीय सभ्यता पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
पूर्वकाल में लोगों और पावन भूभाग के बीच संतुलित संबंध थे। इन संबंधों ने भारतीय सभ्यता को हजारों वर्षों तक टिकाए रखा और प्रकृति का सम्मान और पर्यावरण सरंक्षण के मूल्यों को विकसित किया। उदाहरण के लिए पीपल का वृक्ष जिसे बोधि वृक्ष या अश्वत्थ भी कहते हैं। पीपल के वृक्ष को ईश्वर का पवित्र निवास स्थल माना गया है।
इसकी पूजा करने की परंपरा केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है। पीपल सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला वृक्ष है और इसके औषधिय गुण है। इस प्रकार संतुलित जीवनशैली और मूल्यों ने सभ्यता को जीवंत रखा है।
प्रश्न 2.
भारत में हिंदुओं, जनजातियों और लोक परंपराओं में भूमि को पावन माना जाता है। किंतु आज मानव और प्रकृति के संबंधों में असंतुलन से कैसी चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं?
उत्तर:
मानव और पावन भूभाग व प्रकृति के स्थिर सद्भावपूर्ण संपर्क ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति को हजारों वर्ष बनाए रखा। मानव ने प्रकृति को आदर-सम्मान दिया और पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को महत्व दिया परंतु आज मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन प्रकट हो रहा है। शहरीकरण और प्रदूषण के कारण हमारे पावन स्थलों पर बुरा असर पड़ रहा है। उपेक्षा और पर्यावरण के संसाधनों के अत्यधिक इस्तेमाल से असंतुलन बढ़ा है। अतिवृष्टि, भूस्खलन, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ने से जैव विविधता पावन भू-भागों और मानव को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
केस/स्रोत पर आधारित प्रश्नोत्तर
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
प्राचीन भारत के दो महान महाकाव्य रामायण और महाभारत में तीर्थयात्राओं, यात्रा के दौरान देखे गए स्थानों, पावन नदियों, वनों और पर्वतों का स्पष्ट वर्णन है। भारत के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में ग्रामीण और जनजातीय परंपराओं का मानना है कि इन ग्रंथों के नायक उनके क्षेत्रों में आए थे। वहाँ के पावन स्थल इस बात का संकेत प्रस्तुत करते हैं।
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प्रश्न 1.
रामायण और महाभारत में वर्णित तीर्थस्थलों और पावन नदियों, पर्वतों और वनों से यह कैसे सिद्ध होता है कि ये ग्रंथ भारत की भौगोलिक एकता को दर्शाते हैं? उदाहरण के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर:
प्राचीन पौराणिक ग्रंथों में उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक अनेक पावन भू-भागों का वर्णन होता है-जैसे-दंडकारण्य, बस्तर (दंतेवाड़ा) (छत्तीसगढ़), अयोध्या (उत्तर प्रदेश), चित्रकूट (मध्यप्रदेश), पंचवटी (महाराष्ट्र), किष्किंधा (कर्नाटक), कुरुक्षेत्र (हरियाणा),द्वारका (गुजरात)। इस प्रकार ये महाकाव्य पूरे भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक एकता को जोड़ते हैं।
प्रश्न 2.
यदि आप एक तीर्थयात्रा पर जाने की योजना बनाएँगे तो प्राचीन ग्रंथों में वर्णित कौन-से स्थल को चुनेंगे और क्यों?
उत्तर:
अवसर मिलने पर मैं चित्रकूट यात्रा पर जाना चाहूँगी, क्योंकि इस स्थान पर श्रीराम ने कई वर्ष बिताए। यह पावन स्थल भौगोलिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह स्थल प्रकृति और आध्यात्मिक जुड़ाव का स्रोत है।
प्रश्न 3.
ग्रामीण और जनजातीय समुदाय द्वारा पेड़-पौधों, नदियों, पर्वतों की पूजा परंपरा आज के पर्यावरणीय संकट में क्या संदेश देती हैं?
उत्तर:
प्रकृति की पूजा उसके संरक्षण को बढ़ावा देती है। जब हम नदियों को माता और वनों को देवता मानकर पूजते हैं, तो इससे पर्यावरण संरक्षण और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा भी प्राप्त होती है। सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्त्व को बनाए रखने में जनजातीय परंपराओं की भूमिका अहम है।
प्रश्न 4.
ऐसे किसी एक पावन भू-भाग पर रिपोर्ट तैयार कीजिए जो प्राचीन ग्रंथ रामायण या महाभारत से जुड़ी हो और जहाँ आज भी ग्रामीण व जनजातीय परंपराएँ सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। सरकार ने पौराणिक स्थलों और वनों को बचाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर:
छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर क्षेत्र में जनजातीय और ग्रामीण समुदायों ने अपनी प्राचीन संस्कृति को संजोकर रखा है। यहाँ मारिया, मुरिमा और गोंड जनजातियाँ आज भी ‘राम लखन’ त्योहार मनाती हैं। दण्डकारण्य, रामाराम दंतेवाड़ा क्षेत्र रामायण काल से जुड़े हैं और श्रीराम वन आगमन के स्थान रहे हैं। बस्तर के जनजातीय समुदाय आज भी “रामवन गमन पथ” को पवित्र मानते हैं और राम वनगमन उत्सव मनाते हैं। वे जंगलों, नदियों और पर्वतों को पूजते हैं और प्रकृति के संरक्षण में योगदान देते हैं।
सरकार और समुदाय द्वारा संरक्षण के लिए उठाए गए कदम-
- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राम वनगमन पर्यटन पथ योजना के अंर्तगत बस्तर के पौराणिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना।
- वनों में साल, सागौन, तेंदू, बांस, बेल आदि पावन वृक्षों की रक्षा के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जनजातीय समुदायों को वन भूमि पर अधिकार दिए गए हैं।
- सड़क, प्रवेश द्वार और स्थानीय सांस्कृतिक केंद्र बनाए जा रहे हैं ताकि लोग क्षेत्र के भूगौलिक और पौराणिक महत्त्व को समझे।
छत्तीसगढ़ का बस्तर विशेषरूप से रामाराम न केवल रामायण समय के ऐतिहासिक भूगोल का साक्षी है, बल्कि आज भी जनजातीय परंपराओं, पर्यावरण सुरक्षा और संस्कृति का प्रतीक है।
चित्र आधारित प्रश्नोत्तर
चित्र को ध्यान से देखकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

प्रश्न 1.
महाबोधि मंदिर में स्थित पीपल के वृक्ष की क्या महत्ता है?
उत्तर:
महात्मा गौतम बुद्ध ने पीपल के वृक्ष (बोधि वृक्ष) के नीचे तपस्या करते हुए ज्ञान प्राप्त किया था।
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प्रश्न 2.
पीपल के वृक्ष को हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्मों में पावन क्यों माना जाता है?
उत्तर:
इन धर्मों में पीपल को आध्यात्मिक शक्ति, ज्ञान, मोक्ष और प्रकृति की पवित्रता का रूप मानकर पूजनीय माना गया है।
प्रश्न 3.
पता लगाएँ कि सम्राट अशोक ने बोधि वृक्ष के संरक्षण के लिए क्या कार्य किए?
उत्तर:
सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार किया। पावन बोधि वृक्ष के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनवाई और शाखा श्रीलंका भेजी।

प्रश्न 1.
चित्र को ध्यान से देखकर बताएँ कि इसके ऊपरी भाग में कौन-से वृक्ष की पत्तियों की आकृति को उकेरा गया है?
उत्तर:
मोहनजोदड़ों की मुहर के ऊपरी भाग में अंकित पत्तियाँ पीपल के वृक्ष की हैं।
प्रश्न 2.
यह मुहर क्या संकेत देती है?
उत्तर:
पीपल का वृक्ष शताब्दियों से भारत के सांस्कृतिक भूगोल का अहम भाग रहा है। यह वृक्ष सिंधु-सरस्वती सभ्यता में भी पवित्र व पूजनीय माना जाता था।
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प्रश्न 3.
इस मुहर का अनुमानित काल बताएँ?
उत्तर:
यह मुहर लगभग 2500 ईसा पूर्व की मानी जाती है।
भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं Class 7 MCQ
बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
भारत में तीर्थयात्रा का प्रमुख उद्देश्य क्या होता है?
(i) व्यापार
(ii) पर्यटन
(iii) आत्मिक शुद्धि और धार्मिक आस्था
(iv) शिक्षा
उत्तर:
(iii) आत्मिक शुद्धि और धार्मिक आस्था
प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान हिंदू धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है?
(i) मसूरी
(ii) माउंट आबू,
(iii) वाराणसी
(iv) झांसी
उत्तर:
(iii) वाराणसी
प्रश्न 3.
चार धाम यात्रा में निम्न में से कौन-सा स्थान सम्मिलित नहीं है?
(i) बद्रीनाथ
(ii) हरिद्वार
(iii) द्वारका
(iv) रामेश्वरम्
उत्तर:
(ii) हरिद्वार
प्रश्न 4.
भारतीय उपमहाद्वीप में कितने ज्योतिलिंग हैं?
(i) द्वादश ज्योतिर्लिग
(ii) पंचम ज्योतिलिग
(iii) 15 ज्योतिर्लिंग
(iv) दश ज्योतिलिग
उत्तर:
(i) द्वादश ज्योतिर्लिंग
प्रश्न 5.
भगवान विष्णु कौन-से अवतार के रूप में भूदेवी (पृथ्वी माता) की रक्षा करते हैं?
(i) वराह अवतार
(ii) कृष्ण अवतार
(iii) वामन अवतार
(iv) मत्स्य अवतार
उत्तर:
(i) वराह अवतार
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प्रश्न 6.
डोंगरिया खोंड जनजाति के लिए ज्ञारखंड की कौन-सी पहाड़ी पावन है?
(i) नीलगिरि श्रृंखला के शिखर
(ii) नियमागिरि भृंखला की नियम डोंगर पहाड़ी
(iii) अरावली पर्वत श्रृंखला
(iv) शिवालिक पर्वत शृंख्या
उत्तर:
(ii) नियमागिरी शृंखला की नियम डोंगर पहाड़ी
प्रश्न 7.
वर्ष 2000 में किस राज्य सरकार ने अनेक पावन पर्वत, चट्टान, गुफा, झील एवं जल स्रोतों को चिहित किया, जिससे उन्हें हानि से बचाया जा सके।
(i) असम
(ii) उत्तरप्रदेश
(iii) सिक्किम
(iv) हरियाणा
उत्तर:
(iii) सिक्किम
प्रश्न 8.
सबरीमाला मंदिर किस राज्य में स्थित है और किस देबता को समर्पित है?
(i) कर्नाटक, भगवान विष्णु
(ii) आंध्र प्रदेश, भगवान गणेश
(iii) तमिलनाडु. भगवान शिव
(iv) केरल, भगवान अयप्पा
उत्तर:
(iv) केरल, भगवान अयप्पा
प्रश्न 9.
बौद्र धर्म का कौन-सा स्थल बिहार में स्थित है?
(i) लुंबिनी
(ii) बोधगया
(iii) सारनाथ
(iv) कुशीनगर
उत्तर:
(ii) बोधगया
प्रश्न 10.
प्रयागराज कुंभ मेला किस धार्मिक घटना से जुड़ा हुआ है?
(i) श्रीराम वनगमन
(ii) महात्मा बुद्ध के उपदेश
(iii) समुद्र मंथन और अमृत कलश की बूँदों का गिरना।
(iv) भगवान शिव द्वारा गंगा को जटाओं में धारण करना।
उत्तर:
(iii) समुद्र मंथन और अमृत कलश की बूँदों का गिरना
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
प्रश्न 1.
………… नदी के तट पर स्थित वाराणसी और हरिद्वार हिंदू धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है।
उत्तर:
गंगा
प्रश्न 2.
दक्षिण भारत में स्थित ………… मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित हैं और आंध्र प्रदेश के तिरुमला में स्थित है।
उत्तर:
तिरुपति बालाजी
प्रश्न 3.
सिख धर्म का पवित्र स्थल ………… अमृतसर में स्थित है।
उत्तर:
हरमनिर साहिब (स्वर्ण मंदिर)
प्रश्न 4.
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा ………… राज्य में हर साल आयोजित की जाती है।
उत्तर:
ओडिशा
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प्रश्न 5.
………… तीर्थ स्थल जैन धर्म का एक प्रमुख केंद्र है और ………… राज्य में स्थित है।
उत्तर:
गिरनार, गुजरात
प्रश्न 6.
धार्मिक तीर्थयात्राओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था में………… और ………… क्षेत्रों को बढ़ावा मिलता है।
उत्तर:
रोजगार और हस्तशिल्प
प्रश्न 7.
ॠग्वेद का ………… नदियों की प्रशंसा और स्तुतियों के प्रति समर्पित है।
उत्तर:
नदी-स्तुति सूक्त
प्रश्न 8.
तीर्थ स्थल सामान्यतः नदी, झील के किनारे और वनों या पहाड़ों पर स्थित होते हैं। इससे हम प्रकृति को ………… और ………… रख सकते हैं।
उत्तर:
सुरक्षित और संरक्षित
प्रश्न 9.
तीर्थयात्राएँ भारतीय उपमहाद्वीप के ………… का प्रमुख कारण हैं।
उत्तर:
सांस्कृतिक एकीकरण
प्रश्न 10.
अजमेर शरीफ दरगाह ………… राज्य में स्थित है।
उत्तर:
राजस्थान
प्रश्न 11.
जनजातीय समुदायों में विशिष्ट वनों को ………… कहते हैं।
उत्तर:
पावन निकुंज
प्रश्न 12.
ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में वनों को ………… का निवास स्थान माना जाता है।
उत्तर:
देवता
निम्नलिखित दिए गए वाक्यों में सही पर (✓) और गलत पर (✗) का चिह्न कीजिए-
प्रश्न 1.
हरिद्वार गंगा नदी के किनारे बसा एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। (✓)
प्रश्न 2.
वैलंकन्नी एक प्रसिद्ध बौद्ध पावन स्थल है। (✗)
प्रश्न 3.
बोधगया बौद्ध धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है। (✓)
प्रश्न 4.
जैन परंपरा में तीर्थकर सर्वोच्च धर्मोपदेशक नहीं होते हैं। (✗)
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प्रश्न 5.
लगभग 3000 वर्षों से, आधुनिक यातायात के अभाव में भी भारतीय जन संपूर्ण उपमहाद्वीप में चतुर्दिक तीर्थयात्राएँ करते आ रहे हैं। (✓)
प्रश्न 6.
तीर्थ हमारी प्राचीन और सतत् परंपरा है। (✓)
प्रश्न 7.
भारत के पवित्र हिमालयी तीर्थ स्थल अमरनाथ, केदारनाथ और कैलाश मानसरोवर शिव भक्तों के लिए अति महत्त्वपूर्ण पावन स्थल हैं। (✓)
प्रश्न 8.
द्वादश ज्योतिर्लिंग हिंदू धर्म के प्रमुख भगवान शिव से संबंधित पावन स्थल है। प्रत्येक पावन स्थल के अलग-अलग नाम हैं। (✓)
प्रश्न 9.
प्रयाग तीन नदियों-गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्थित है। (✓)
प्रश्न 10.
यूनेस्को ने कुंभ मेले को ‘अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ के रूप में सूचीबद्ध किया है। (✓)
प्रश्न 11.
पीपल का वृक्ष शताब्दियों से भारत के सांस्कृतिक भूगोल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। (✓)
प्रश्न 12.
भारत में हज़ारों की संख्या में पावन निकुंज नहीं हैं। (✗)
प्रश्न 13.
व्यापारी तीर्थयात्री के रूप में तीर्थ स्थलों की यात्रा करते हुए अपनी वस्तुओं को उपनगरों एवं नगरों में नहीं ले जाते हैं।
प्रश्न 14.
उत्तरापथ कौशांबी तथा उज्जैन होते हुए पैठन तक जाता था। (✗)
प्रश्न 15.
पावन स्थलों को प्रदूषित होने से बचाना हमारा कर्तव्य है। (✓)
नीचे दिए गए स्तंभ-A को स्तंभ-B से सही मिलान कीजिए।

उत्तर:
| स्तंभ-A (तीर्थ स्थल) | स्तंभ-B ( महत्त्व/विशेषता ) |
| 1. मदुरै | (ग) देवी मीनाक्षी का मंदिर |
| 2. बोधगया | (क) भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ |
| 3. तिरुपति | (ख) भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर |
| 4. अयोध्या | (ङ) प्रभु श्रीराम का जन्मस्थान |
| 5. हरिद्वार/ॠषिकेश | (घ) गंगा स्नान, कुंभ मेला आयोजन |
| 6. अमृतसर | (छ) सिखों का पवित्र तीर्थ, स्वर्ण मंदिर |
| 7. आदिवासी/जनजातीय त्योहार | (च) प्रकृति, जल, जंगल और ऋतुओं की पूजा परंपरा |
अभिकथन और कारण संबंधी प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
अभिकथन (A): हिंदुओं, जनजातियों और लोक परंपराओं में भूमि को पावन माना जाता है।
कारण (R): हिंदू और जनजातीय परंपराओं में पृथ्वी को भूदेवी माना जाता है। माँ के समान भूमि अन्न, जल और आवश्यक संसाधन प्रदान करती है।
विकल्प:
(a) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
(b) अभिकथन (A) और कारण (R) में मेल नहीं है।
(c) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं लेकिन कारण (R) अभिथकन (A) का सही उत्तर नहीं है।
(d) अभिकथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
उत्तर:
(a) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
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प्रश्न 2.
अभिकथन (A): कई आदिवासी धमों में प्राकृतिक तत्वों की पूजा, संरक्षण और सुरक्षा की भावना से प्रेरित होती है।
कारण (R): आदिवासी समुदाय प्रकृति को अपना पूर्वजों का रूप मानकर देवता या देवी के रूप में पूजते हैं और उसे नष्ट नहीं करते।
विकल्प:
(a) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों गलत हैं।
(b) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(c) अभिकथन (A) सही है और कारण (R) गलत है।
(d) अभिकथन (A) गलत है और कारण (R) सही है।
उत्तर:
(b) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
भौगोलिक क्षेत्र कैसे पावन होते हैं Class 7 MCQ
बहुवैकल्पिक प्रश्न
प्रश्न 1.
2025 में महाकुंभ मेला किस स्थान पर आयोजित किया गया था?
(i) नासिक
(ii) हरिद्वार
(iii) ॠषिकेश
(iv) प्रयागराज
प्रश्न 2.
प्रयागराज में कुंभ मेला 2025 में लगभग कितने करोड़ लोगों ने भाग लिया था?
(i) 68 करोड़
(ii) 66 करोड़
(iii) 70 करोड़
(iv) 71 करोड़
प्रश्न 3.
पीपल के वृक्ष को संस्कृत में क्या कहते हैं?
(i) अश्वतथामा
(ii) पावन वृक्ष
(iii) अश्वत्थ वृक्ष
(iv) पीपली वृक्ष
प्रश्न 4.
तीर्थयात्रा के दौरान एक यात्री को भारत की कौन-कौन सी विविधताओं का अनुभव होता है?
(i) रीति-रिवाज
(ii) भाषाएँ, और खान-पान
(iii) भौगोलिक स्थिति
(iv) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 5.
विविधता में एकता का सजीव उदाहरण निम्न में से कौन-सा है?
(i) फिल्म निर्माण
(ii) तीर्थयात्राएँ
(iii) विदेशयात्रा
(iv) कोई नहीं
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
प्रश्न 1.
दक्षिण भारत के मंदिरों की ………… तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती है।
प्रश्न 2.
बद्रीनाथ धाम ………… राज्य में स्थित है।
प्रश्न 3.
द्वारकाधीश मंदिर ………… राज्य में स्थित है।
प्रश्न 4.
बारह ज्यातिर्लिगों में से पहला माने जाने वाला ज्योतिलिग ………… में स्थित है।
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प्रश्न 5.
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग ………… के ………… में स्थित है।
नीचे दिए गए प्रश्न में पाँच राज्य और उनके प्रसिद्ध जनजातीय पावन निकुंजों ( पवित्र स्थलों) का मिलान कीजिए:
| स्तंभ A ( राज्य ) | स्तंभ B (पावन निकुंज/सांस्कृतिक स्थल) |
| (क) तमिलनाडु (ख) झारखंड (ग) छत्तीसगढ़ (घ) मेघालय (ङ) मेघालय (खासी) |
(i) सरना स्थल (ii) उदयन कुदुकादु क्रारुमबारियम कोंडन (iii) रिंके/बासा (iv) देवगुड़ी स्थल (v) खलाव केनतांग |
अभिकथन और कारण पर आधारित प्रश्न
प्रश्न 1.
अभिकथन (A): प्राचीन भारत में तीर्थयात्रा ने व्यापार को बढ़ावा दिया।
कारण (R): तीर्थयात्री यात्रा के क्रम में व्यापारियों के संपर्क में आते थे।
विकल्प:
(a) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता।
(b) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(c) अभिकथन (A) सही है लेकिन कारण (R) गलत है।
(d) अभिकथन (A) गलत है, कारण (R) सही है।
प्रश्न 2.
अभिकथन (A): उत्तरापथ प्राचीन भारत का एक प्रमुख यात्रा मार्ग था।
कारण (R): उत्तरापथ उपमहाद्वीप के उत्तर पश्चिम और पूर्वी भागों को जोड़ता था।
विकल्प:
(a) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों गलत हैं।
(c) अभिकथन (A) सही है और कारण (R) गलत है।
(d) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परंतु कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
तीर्थयात्राओं के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार कैसे मिलता है?
प्रश्न 2.
भारत के कई तीर्थस्थल और मंदिर पर्वतों की चोटियों पर बने हुए हैं। दो प्रमुख उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 3.
भागवत पुराण क्या सिखाता है? पाठ के संदर्भ में उत्तर लिखिए।
प्रश्न 4.
भारत की चार दिशाओं में स्थित चार धामों के नाम लिखें।
प्रश्न 5.
तमिलनाडु के तंजावुर जनपद में पावन निकुंज की क्या मान्यता है?
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
एक विद्यार्थी के रूप में आप कौन-से कदम उठाएँगे जिससे भारत के पावन भूभाग को भविष्य के लिए संरक्षित किया जा सके?
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प्रश्न 2.
पर्यावरण और धार्मिक विरासत बचाने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए गए नए कदमों और नीतियों का उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
सतत् विकास के सदर्भ में पावन भौगोलिक क्षेत्र आधारित विश्व दृष्टि का क्या महत्त्व है?
प्रश्न 2.
भारत के पारंपरिक तीर्थ और पावन स्थल धार्मिक व सांस्कृतिक आस्था के साथ-साथ देश की भौगोलिक चेतना और प्राकृतिक तत्वों के संरक्षण का आधार हैं। इस विषय को विस्तारपूर्वक विचार प्रकट कीजिए।
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