⚙️
Welcome to NCSOLVE — National Curriculum Solver of Learning Volume Environment! Explore Free NCERT Solutions, CBSE Sample Papers, and AI Tools! Empowering Education Worldwide with Advanced AI Technology! Access Cultural Insights, AI-Based Learning, and Free Hidden Books! Prepare for NEET, JEE, UPSC, and Other Competitive Exams with Exclusive Resources! Learn Smarter, Faster, and Better with NCSOLVE Today!

Select Class

Sandhi in Sanskrit Class 6 संस्कृत संधि - #NCSOLVE 📚

0

Students rely on Deepakam Class 6 Solutions and Sandhi in Sanskrit Class 6 with Answers संस्कृत संधि to clarify their doubts after class.

Sandhi Viched in Sanskrit Class 6

Class 6 Sanskrit Sandhi Vichchhed

Sandhi Sanskrit Class 6

संधि-प्रकरणम्

संधि की परिभाषा
दो वर्णों (अक्षर) या ध्वनियों के परस्पर मेल से होने वाले परिवर्तन (विकार) को संधि कहते हैं।

‘संधि व संयोग में अंतर
दो समीपवर्ती वर्णों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को संधि कहते हैं; जैसे –

  • यदि + अपि = यद्यपि ।

व्यंजन तथा स्वरों के जुड़ जाने को संयोग कहते हैं; जैसे—

  • विद्यालयम् + अगच्छत् = विद्यालयमगच्छत्।

संधि-विच्छेद

यदि परस्पर मिले हुए वर्णों (अक्षर) को अलग-अलग करके संधि से पूर्व (पहले की तरह) की स्थिति में पहुँचा दिया जाए, तो यह प्रक्रिया ‘संधि-विच्छेद’ कहलाती है; जैसे-

  • हिमालय: = हिम + आलय:
  • सदैव = सदा + एव
  • दिनेश: = दिन + ईश:
  • सूर्योदयः = सूर्य + उदयः

Sandhi in Sanskrit Class 6 संस्कृत संधि 1

1. स्वर संधि

इसके छ: भेद होते हैं

(i) दीर्घ संधि
(ii) गुण संधि
(iii) वृद्धि संधि
(iv) यण् संधि
(v) अयादि संधि
(vi) पूर्वरूप संधि

(i) दीर्घ स्वर संधि (अकः सवर्णे दीर्घः)
यदि ह्रस्व अथवा दीर्घ स्वर ‘अ’, ‘आ’, ‘इ’, ‘ई’, ‘उ’, ‘ऊ’ एवं ‘ऋ’ के बाद ह्रस्व या दीर्घ स्वर आए, तो दोनों मिलकर दीर्घ स्वर ‘आ’, ‘ई’, ‘ऊ’ और ‘ऋ’ हो जाते जैसे-

  • अ + अ = अ
  • आ + अ = अ
  • इ + इ = ई
  • ई + इ = ई
  • उ + उ = ऊ
  • ऊ + उ = ऊ
  • ऋ + ऋ = ऋ
  • अ + अ = आ
  • आ + आ = आ
  • इ + ई = ई
  • ई + ई = ई
  • उ + ऊ = ऊ
  • ऊ + ऊ = ऊ

दीर्घ संधि के उदाहरण

  • राम + अवतारः = रामावतारः
  • प्राण + आयाम: = प्राणायामः
  • सीमा + अंतः = सीमांत:
  • चिकित्सा + आलय: = चिकित्सालयः
  • अति + इव = अतीव
  • परि + ईक्षा = परीक्षा
  • सती + इच्छा = सतीच्छा
  • मही + ईश्वर: = महीश्वरः
  • लघु + ऊर्मिः = लघूर्मिः
  • भू + उद्धारः = भूद्धारः
  • वधू + उर्मि: = वधूर्मि:
  • मातृ + ऋणः = मातॄण:

(ii) गुण संधि (आद्गुण:)
जब किसी स्वर में कोई भिन्न स्वर मिल जाता है तब उनके स्थान पर ए, ओ, अर् हो जाता है अर्थात् गुण संधि हो जाती है; जैसे-

  • अ + इ = ए
  • आ + इ = ए
  • आ + उ = ओ
  • अ + ई = ए
  • आ + ई = ए
  • अ + ऊ = ओ
  • आ + उ = ओ
  • अ + ऋ = अर्
  • अ + लृ = अल्
  • आ + ऊ = ओ
  • आ + ऋ = अर्
  • अ + लृ = अल्

गुण संधि के उदाहरण

  • भारत + इंदुः = भारतेंदुः
  • योग + ईश: = योगेश:
  • रूपा + इन्द्रः = रूपेन्द्रः
  • महा + ईश्वर: = महेश्वरः
  • वसंत + उत्सवः = वसंतोत्सवः
  • जल + उर्मिः = जलोर्मिः
  • गंगा + उदक: = गंगोदकः
  • महा + ऊर्मि: = महोर्मिः
  • ब्रह्म + ऋषिः = ब्रह्मर्षिः
  • महा + ऋण = महर्ण

(iii) वृद्धि संधि (वृद्धि रेचि)
जब दो भिन्न स्वरों को मिलाने से ऐ, औ और आर् आए तो वहाँ वृद्धि संधि होती है; जैसे—

  • अ + ए = ऐ
  • आ + ए = ऐ
  • अ + ओ = औ
  • आ + ओ = औ
  • अ + ऐ = ऐ
  • आ + ऐ = ऐ
  • अ + औ = औ
  • आ + औ = औ

वृद्धि संधि के उदाहरण

  • लोक + एषणा = लोकैषणा
  • भाव + एक्यः = भावैक्यः
  • तथा + एव = तथैव
  • राजा + ऐश्वर्यम् = राजैश्वर्यम्
  • दंत + ओष्ठः = दंतौष्ठः
  • परम + औदार्यः = परमौदार्यः
  • महा + ओजः = महौज:
  • महा + औघः = महौघः

(iv) यण् संधि (इकोयणचि)
जब इक् स्वर (ई, उ, ऋ, ऌ) के साथ कोई भी स्वर जोड़ा जाए तो वहाँ यण् संधि होती है; जैसे-

  • इ + अ = य्
  • इ + आ = या
  • इ + उ = यु
  • ई + ऊ = यू
  • ई + ऐ = यै
  • उ + आ = वा
  • उ + इ = वि
  • उ + ए = वे
  • ऊ + ओ = वो
  • ऋ + इ = रि
  • ई + अ = य्
  • ई + आ = या
  • इ + ऊ = यू
  • इ + ए = ये
  • उ + अ = व
  • ऊ + आ = वा
  • उ + ई = वी
  • उ + ऐ = वै
  • ऊ + औ = वौ
  • ऋ + आ = रा

यण् संधि के उदाहरण

  • अभि + अर्थी: = = अभ्यर्थी:
  • नदी + अर्पण: = नद्यर्पण:
  • अति + आचारः = अत्याचारः
  • सखी + आगमनं = सख्यागमनम्
  • प्रति + उपकारः = प्रत्युपकारः
  • वि + ऊहः = व्यूहः
  • नदी + ऊर्मिः = नद्यूर्मि:
  • अधि + एषणा: = अध्येषणाः
  • नदी + ऐश्वर्यः = नद्यैश्वर्यः
  • सु + अच्छः = स्वच्छः
  • मधु + आलय: = मध्वालय:
  • भू + आदिः = भ्वादि:
  • अनु + इतः = अन्वितः
  • अनु + ईक्षण: = अन्वीक्षण:
  • प्रभु + एषणा = प्रभ्वेषणा
  • वधू + ऐश्वर्यः = वध्वैश्वर्यः
  • सरयू + ओघः = सरय्वोघः
  • वधू + औदार्यः = वध्वौदार्यः
  • धातृ + अंश: = धात्रंश:
  • मातृ + आनंदः = मात्रानंद:
  • पितृ + इच्छा = पित्रिच्छा

(v) अयादि संधि (एचोऽयवायावः)
यदि ए, ओ, ऐ, औ के बाद इनसे अतिरिक्त कोई दूसरा स्वर आ जाता है, तो अयादि संधि हो जाती है। इसे अयादि चतुष्टय भी कहते हैं; जैसे-

  • ए + अ = अय्
  • ओ + अ = अव्
  • ऐ + आ = आय्
  • औ + आ = आव्

अयादि संधि के उदाहरण

  • ने + अनम् = नयनम् (ए + अ = अय्)
  • कवे + ए = कवये (ए + ए = अय्)
  • नै + अकः = नायक: (ऐ + अ = आय्)
  • पो + अनम् = पवनम् (ओ + अ = अव्)
  • पौ + अकः = पावकः (औ + अ = आव्)

(vi) पूर्वरूप संधि (एङ: पदान्तादति)
जब किसी शब्द के अंत में ‘ए’ या ‘ओ’ होता है और उसके पश्चात् ‘अ’ आता है, तो ‘अ’ को पूर्वरूप अर्थात् ‘अ’ अपना रूप छोड़कर पूर्व वर्ण जैसा हो जाता है और ‘अ’ का संकेत (ऽ) अवग्रह रह जाता है; जैसे-

  • ए + अ = ऽ ओ + अ = ऽ

पूर्णरूप संधि के उदाहरण

  • एते + अपि = एतेऽपि
  • हरे + अव = हरेऽव
  • रमे + अत्र = रमेऽत्र
  • को + अपि = कोऽपि
  • को + अवादीत् = कोऽवादीत्
  • बालको + अपि = बालकोऽपि

Sanskrit Sandhi Class 6 Worksheet with Answers

Class 6 Sanskrit Sandhi Vichchhed

अभ्यास प्रश्ना:

बहुविकल्पीय एवं वर्णनात्मक प्रश्नों सहित

1. प्रदत्त विकल्पेभेयः उचितम् उत्तरं चित्वा लिखित । (दिए गए विकल्पों में से उचित उत्तर चुनकर लिखिए।)

(i) ‘सूर्य + अस्तः’ अत्र संधिः भविष्यति।
(अ) सूर्य अस्त
(ब) सूर्यास्त:
(स) सूर्यसतम्
(द) सूर्यः अस्त
उत्तर:
(ब) सूर्यास्त:

(ii) ‘विद्यालयः’ इत्यस्मिन् पदे संधिः अस्ति।
(अ) दीर्घ
(ब) वृद्धि
(स) यण्
(द) गुण
उत्तर:
(अ) दीर्घ

(iii) ‘पितृ + ऋणम्’ अत्र संधिः भविष्यति।
(अ) पितृऋणम्
(ब) पित्रणम्
(स) पितॄणम्
(द) पित्रण
उत्तर:
(स) पितॄणम्

(iv) ‘गणेश:’ इत्यस्मिन् पदे संधिः अस्ति।
(अ) यण्
(ब) गुण
(स) वृद्धि
(द) अयादि
उत्तर:
(ब) गुण

(v) ‘सूर्योदयः’ अत्र संधिविच्छेदं किम् ।
(अ) सूर्य + उदय:
(ब) सूर्यो + दय:
(स) सूर्यो + उदय:
(द) सूर्य + दय:
उत्तर:
(अ) सूर्य + उदय:

(vi) ‘स्वागतम्’ अत्र संधि अस्ति ।
(अ) दीर्घ
(ब) वृद्धि
(स) यण्
(द) गुण
उत्तर:
(स) यण्

(vii) ‘इत्यादि’ अत्र संधि-विच्छेदं किम् ?
(अ) इत्या + दि
(ब) इति + आदि
(स) इत्य + दि
(द) इति + दि
उत्तर:
(ब) इति + आदि

(viii) ‘नै + अक:’ अत्र संधि अस्ति ।
(अ) नायक:
(ब) नैकः
(स) नेअकः
(द) नैअकः
उत्तर:
(अ) नायक:

(ix) ‘पवनम्’ अत्र संधि अस्ति ।
(अ) यण्
(ब) वृद्धि
(स) अयादि
(द) दीर्घ
उत्तर:
(स) अयादि

(x) ‘सदैव’ अत्र संधि विच्छेदः अस्ति ।
(अ) सदा + एव
(ब) सदे + व
(स) सद् + एव
(द) सदै + अव
उत्तर:
(अ) सदा + एव

(xi) ‘नृपैश्वर्यम्’ अत्र संधि अस्ति।
(अ) अयादि
(ब) वृद्धि:
(स) दीर्घ
(द) गुण
उत्तर:
(ब) वृद्धि:

2. अधोलिखितेषु वाक्येषु संधि संधिविच्छेदं वा कृत्वा रिक्तस्थाना पूरयत। (निम्नलिखित वाक्यों में संधि अथवा संधि-विच्छेद करके रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए ।)

  1. मम नाम ….. अस्ति । (रमा + ईश:)
  2. …… तव नाम किम् ? (महोदयः)
  3. ….. सत्यं वद । (सदा + एव)
  4. सा …… गच्छति । (विद्यालयः)
  5. अत्र तव ……. अस्ति । (सु + आगतम)
  6. विवेकानंदस्य मूलनाम ….. आसीत्। (नरेन्द्रः)

उत्तर:

  1. रमेशः
  2. महा + उदय:
  3. सदैव
  4. विद्या + आलय:
  5. स्वागतम्
  6. नर + इंद्र:

3. अधोलिखितेषु वाक्येषु कोष्ठगत रिक्तस्थानेषु स्थूलपदानां समुचितं सन्धि विच्छेदं कृत्वा लिखत । (निम्नलिखित वाक्यों में कोष्ठगत रिक्तस्थानों में स्थूल शब्दों की उचित सन्धि विच्छेद करके लिखिए।)

  1. कालिदास अद्यापि (….. + …..) सर्वत्र प्रसिद्धः ।
  2. शिक्षकस्य प्रश्नस्योत्तरं (…. + …..) देहि ।
  3. परमेश्वरः (……. + ……) एकः एव भवति ।
  4. अभीष्टानि (……. + ……) वस्तूनि प्राप्य्य सन्तुष्टः अभवत् ।
  5. सः प्रतिज्ञां करोति दास्यामीति (……. + ……) ।
  6. अहं चिकित्सार्थं ……. + ……) गयिष्यामि ।

उत्तर:

  1. अद्य + अपि
  2. प्रश्नस्य + उत्तरं
  3. परम + ईश्वर:
  4. अभि + इष्टानि
  5. दास्यामि + इति
  6. चिकित्सा + अर्थम्

4. अधोलिखितेषु पदेषु संधि-विच्छेदं कुरुत । (निम्नलिखित पदों का संधि-विच्छेद कीजिए ।)

  1. तत्रैव = ……. + ………
  2. प्राणायामः = ……. + ………
  3. इत्यलम् = ……. + ………
  4. अतीव = ……. + ………
  5. परीक्षा = ……. + ………
  6. भवनम् = ……. + ………
  7. पित्राज्ञा = ……. + ………
  8. दैत्यारिः = ……. + ………

उत्तर:

  1. तत्र + एव
  2. प्राण + आयाम:
  3. इति + अलम्
  4. अति + इव
  5. परि + ईक्षा
  6. भो + अनम्
  7. पितृ + आज्ञा
  8. दैत्य + अरिः

5. अधोलिखितेषु पदेषु संधि कृत्वा लिखत । (निम्नलिखित पदों की संधि कीजिए ।)

  1. तथा + एव = …………..
  2. मातृ + ऋणम् = …………..
  3. मधु + अरिः = …………..
  4. पो + अनः = …………..
  5. श्री + ईश: = …………..
  6. पर + उपकारः = …………..
  7. महा + इंद्र: = …………..
  8. भानु + ऊष्मा = …………..

उत्तर:

  1. तथैव
  2. मातॄणम्
  3. मध्वरिः
  4. पवन:
  5. श्रीश:
  6. परोपकारः
  7. महेन्द्र:
  8. भानूष्मा

6. कोष्ठकात् उचित विकल्पं चित्वा रिक्त स्थानेषु लिखत । (कोष्ठक से उचित विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों में लिखिए।)

(क)

  1. सूर्यास्त: = ……… (सूर्य + अस्त: / सूर्या + स्त)
  2. सूक्ति: = ……… (सु + तिः/सू + उक्ति:)
  3. प्रतीक्षा = ……. (प्रति + ईक्षा / प्रती + क्षा)
  4. लंकेश: = ……. (लंका + ईश: /लके + श:)
  5. एकैकः = …….. (एका + क: / एक + एक:)
  6. वसंतोत्सवः = …….. (वसंत + उत्सव:/वसंतो + त्सवः)
  7. अत्यंतः = ……. (अति + अंत: / अत् + अंतः)

उत्तर:

  1. सूर्य + अस्त:
  2. सू + उक्ति:
  3. प्रति + ईक्षा
  4. लंका + ईश:
  5. एक + एकः
  6. वसंत + उत्सवः,
  7. अति + अंत:

(ख)

  1. सु + अल्पः = ……. (स्वल्पः/सुल्पः)
  2. धातृ + अंश: = …….. (धातृ अंश /धात्रंश:)
  3. नै + अक: = …….. (नायकः/नैकः)
  4. कवे + ए = …….. (कवै / कवये)
  5. प्रति + उपकारः = …… (प्रत्युपकारः/प्रतिउपकारः)
  6. सप्त + ऋषिः = ……. (सप्तर्षिः/सप्तऋषिः)
  7. गण + ईश: = ….. (गणईश: गणेश)
  8. दीक्षा + अंतः = ……. (दीक्षांतः/दीक्षांता)

उत्तर:

  1. स्वल्पः
  2. धात्रंश:
  3. नायकः
  4. कवये
  5. प्रत्युपकारः
  6. सप्तर्षिः
  7. गणेश:
  8. दीक्षांत:

The post Sandhi in Sanskrit Class 6 संस्कृत संधि appeared first on Learn CBSE.



📚 NCsolve - Your Global Education Partner 🌍

Empowering Students with AI-Driven Learning Solutions

Welcome to NCsolve — your trusted educational platform designed to support students worldwide. Whether you're preparing for Class 10, Class 11, or Class 12, NCsolve offers a wide range of learning resources powered by AI Education.

Our platform is committed to providing detailed solutions, effective study techniques, and reliable content to help you achieve academic success. With our AI-driven tools, you can now access personalized study guides, practice tests, and interactive learning experiences from anywhere in the world.

🔎 Why Choose NCsolve?

At NCsolve, we believe in smart learning. Our platform offers:

  • ✅ AI-powered solutions for faster and accurate learning.
  • ✅ Step-by-step NCERT Solutions for all subjects.
  • ✅ Access to Sample Papers and Previous Year Questions.
  • ✅ Detailed explanations to strengthen your concepts.
  • ✅ Regular updates on exams, syllabus changes, and study tips.
  • ✅ Support for students worldwide with multi-language content.

🌐 Explore Our Websites:

🔹 ncsolve.blogspot.com
🔹 ncsolve-global.blogspot.com
🔹 edu-ai.blogspot.com

📲 Connect With Us:

👍 Facebook: NCsolve
📧 Email: ncsolve@yopmail.com

#NCsolve #EducationForAll #AIeducation #WorldWideLearning #Class10 #Class11 #Class12 #BoardExams #StudySmart #CBSE #ICSE #SamplePapers #NCERTSolutions #ExamTips #SuccessWithNCsolve #GlobalEducation

Post a Comment

0Comments

😇 WHAT'S YOUR DOUBT DEAR ☕️

🌎 YOU'RE BEST 🏆

Post a Comment (0)