Chapter-wise Class 8 Science Important Questions and Class 8 Science Chapter 11 Extra Questions and Answers in Hindi Medium आकाशीय परिघटनाएँ और काल निर्धारण are useful for focused study.
Class 8 Science Chapter 11 Extra Questions and Answers in Hindi आकाशीय परिघटनाएँ और काल निर्धारण
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
चंद्रमा की कलाएँ किस प्राकृतिक चक्र पर आधारित होती हैं?
(क) 30 दिन
(ख) 29.5 दिन
(ग) 28 दिन
(घ) 31 दिन
उत्तर :
(ख) 29.5 दिन
प्रश्न 2.
चंद्रमा का क्षीयमाण काल किस अवधि को दर्शाता है?
(क) 14 दिन
(ख) 15 दिन
(ग) 7 दिन
(घ) 29.5 दिन
उत्तर :
(क) 14 दिन
प्रश्न 3.
चंद्रमा का चमकीला भाग किस समय में बढ़ता है?
(क) नवचंद्र से पूर्णचंद्र तक
(ख) पूर्णचंद्र से नवचंद्र तक
(ग) केवल अमावस्या में
(घ) केवल पूर्णिमा में
उत्तर :
(क) नवचंद्र से पूर्णचंद्र तक
![]()
प्रश्न 4.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : चंद्रमा का चमकीला भाग केवल सूर्य के प्रकाश के कारण दिखाई देता है।
कथन II : चंद्रमा का आकार उसके स्वयं के प्रकाश के कारण बदलता है।
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर :
(क) कथन I सही है और II गलत है।
प्रश्न 5.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : चंद्रमा का क्षीयमाण काल कृष्ण पक्ष कहलाता है।
कथन II : चंद्रमा का वर्धमान काल शुक्ल पक्ष कहलाता है।
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर :
(घ) दोनों I और II सही हैं।
प्रश्न 6.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुनें :
कथन I : चंद्रमा की कलाएँ एक महीने में एक चक्र पूरा करती हैं।
कथन II : चंद्रमा की कलाएँ सूर्य के प्रकाश के कारण दिखाई देती हैं।
(क) कथन I सही है और II गलत है।
(ख) कथन I गलत है और II सही है।
(ग) दोनों I और II गलत हैं।
(घ) दोनों I और II सही हैं।
उत्तर :
(घ) दोनों I और II सही हैं।
स्थिति अध्ययन
रिया ने अपनी विज्ञान की किताब में पढ़ा कि चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा लगभग 27.3 दिनों में पूरी करता है। एक शाम उसने आसमान में ‘बालचंद्र’ (हंसिया जैसा चाँद) देखा। उसके दादाजी ने बताया कि यह शुक्ल पक्ष की शुरुआत है और अब चाँद हर रात बड़ा होता जाएगा। रिया ने गौर किया कि चाँद न केवल आकार बदल रहा है, बल्कि हर दिन उसके उगने का समय भी बदल रहा है। उसने सोचा कि यदि चंद्रमा की गति धीमी हो जाए, तो हमारे कैलेंडरों पर क्या असर पड़ेगा।
क्षमता-आधारित प्रश्न
प्रश्न 1.
यदि चद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाए और उसका अंधकार वाला भाग हमारी ओर हो, तो उस स्थिति को क्या कहेंगे?
उत्तर :
इस स्थिति को अमावस्या या नवचंद्र कहा जाता है।
![]()
प्रश्न 2.
चंद्रमा की परिक्रमा गति कम होने पर एक ‘चंद्र मास’ की अवधि पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर :
चंद्रमा की परिक्रिमा गति कम होने पर चंद्र मास की अवधि बढ़ जाएगी और एक महीना पूरा होने में अधिक समय लगेगा।
प्रश्न 3.
चंद्रमा की बदलती कलाओं का हमारे सामाजिक और वैज्ञानिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है? (कोई दो बिंदु लिखिए)
उत्तर :
(i) कैलेंडर और त्यौहारः चंद्रमा की कलाओं के आधार पर ही हिंदू और इस्लामिक जैसे चंद्र कैलेंडरों की तिथियाँ और त्यौहार (जैसे-ईद, दिवाली) निर्धारित किए जाते हैं।
(ii) समय का मापन : प्राचीन काल से ही चंद्रमा के घटने-बढ़ने के चक्र का उपयोग महीनों और समय के अंतराल को मापने के एक प्राकृतिक साधन के रूप में किया जाता रहा है।
अभिकथन-कारण प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों में, अभिकथन (A) के बाद कारण
(R) दिया गया है। सही विकल्प का चयन इस रूप में करें-
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
(ख) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं
परंतु कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) अभिकथन (A) संही है परंतु कारण (R) गलत है।
(घ) अभिकथन (A) गलत है परंतु कारण (R) सही है।
1. (A) : चंद्रमा की कलाएँ समय मापन का एक महत्वपूर्ण आधार हैं।
(R) : चंद्रमा की कलाएँ लगभग 29.5 दिन में एक चक्र पूरा करती हैं।
उत्तर :
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
2. (A) : सौर कालदर्शक में 365 दिन होते हैं।
(R) : पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक परिक्रमा करने में लगभग 365 दिन लगाती है।
उत्तर :
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
3. (A) : चंद्र-सौर कालदर्शक में 12 चंद्र महीने होते हैं।
(R) : चंद्र-सौर कालदर्शक चंद्रमा की कलाओं पर आधारित है।
उत्तर :
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
4. (A) : भारतीय राष्ट्रीय कालदर्शक में 365 दिन होते हैं।
(R) : यह एक सौर कालदर्शक है जो ग्रेगोरी कालदर्शक के समान है।
उत्तर :
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
5. (A) : चंद्रमा की कलाओं के आधार पर पर्व मनाए जाते हैं।
(R) : चंद्रमा की कलाएँ समय के साथ बदलती हैं और यह प्राकृतिक चक्र का हिस्सा हैं।
उत्तर :
(क) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
रिक्त स्थान भरिए
1. चंद्रमा का ______ भाग सृर्य के प्रकाश से ______ होता है, जिससे हम उसे रात के आकाश में देख पाते हैं।
उत्तर : चमकीला, दीप्तिमान
2. चंद्रमा की कलाएँ ______ और ______ के चक्र के अनुसार बदलती हैं।
उत्तर : क्षीयमाण काल, वर्धमान काल
3. चंद्रमा की कलाओं का एक चक्र लगभग ______ दिन का होता है।
उत्तर : 29
![]()
4. जब चंद्रमा का चमकीला भाग ______ होता है, तो उसे ______ चंद्रमा कहा जाता है।
उत्तर : पूर्ण, पूर्ण चंद्रमा
5. चंद्रमा का ______ भाग धीरे-धीरे ______ के दौरान घटता है।
उत्तर : चमकीला, क्षीयमाण काल।
मिलान कीजिए
चंद्रमा की कलाएँ
| कॉलम अ | कॉलम ब |
| 1. पूर्णचंद्र | (क) चंद्रमा का चमकीला भाग लगभग एक सप्ताह में घटता है। |
| 2. अमावस्या | (ख) जिस दिन चंद्रमा एक पूर्ण चमकीले वृत्त के रूप में दिखाई देता है। |
| 3. अर्धचंद्र | (ग) जिस दिन चंद्रमा दृश्यमान नहीं होता है। |
| 4. क्षीयमाण काल | (घ) चंद्रमा का वह काल जिसमें चमकीले भाग में वृद्धि होती है। |
उत्तर :
| कॉलम अ | कॉलम ब |
| 1. पूर्णचंद्र | (ख) जिस दिन चंद्रमा एक पूर्ण चमकीले वृत्त के रूप में दिखाई देता है। |
| 2. अमावस्या | (ग) जिस दिन चंद्रमा दृश्यमान नहीं होता है। |
| 3. अर्धचंद्र | (घ) चंद्रमा का वह काल जिसमें चमकीले भाग में वृद्धि होती है। |
| 4. क्षीयमाण काल | (क) चंद्रमा का चमकीला भाग लगभग एक सप्ताह में घटता है। |
सत्य/असत्य संबंधी प्रश्न
1. चंद्रमा की कलाएँ पृथ्वी के चारों ओर उसकी स्थिति के कारण बदलती हैं।
उत्तर : सत्य
2. चंद्रमा की कलाएँ केवल एक महीने में एक बार ही दिखाई देती हैं।
उत्तर : असत्य
3. चंद्रमा की कलाएँ पृथ्वी से देखे जाने वाले चंद्रमा के प्रकाश के विभिन्न हिस्सों के कारण होती हैं।
उत्तर : सत्य
![]()
4. चंद्रमा की कलाएँ केवल पूर्णिमा के दिन ही स्पष्ट होती हैं।
उत्तर : असत्य
5. चंद्रमा की कलाएँ पृथ्वी के वायुमंडल के प्रभाव से भी प्रभावित होती हैं।
उत्तर : सत्य
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
राधिका का जन्म 15 जून को अमावस्या के दिन हुआ था। क्या उसका जन्मदिन प्रतिवर्ष अमावस्या के दिन ही होता है? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
नहीं, राधिका का जन्मदिन प्रतिवर्ष अमावस्या के दिन नहीं होता है। राधिका का जन्मदिन अमावस्या के दिन हुआ था, जिसका अर्थ है कि उस दिन चंद्रमा पर पूरी तरह से अंधेरा था। चंद्रमा की कलाएँ हर महीने बदलती हैं और अमावस्या के बाद पहले दिन को चंद्रमा का नया रूप (चंद्रमा की पहली कला) दिखाई देता है। चंद्रमा की कलाएँ लगभग 29.5 दिनों में एक चक्र पूरा करती हैं।
प्रश्न 2.
राज ने कहा, “मैंने एक नया चंद्रमा देखा और जब सूर्य अस्त हो रहा था, तो यह उत्तर दिशा में उदित हो रहा था।” मीना ने कहा, “एक बार मैंने शाम के समय पश्चिम दिशा में नया चंद्रमा देखा था।” दोनों में से किसकी बात सत्य है?
उत्तर :
मीना की बात सत्य है। नया चंद्रमा (जिसे अमावस्या भी कहा जाता है) सूर्य के अस्त होने के समय पश्चिम दिश्म में नहीं दिखाई देता। नया चंद्रमा आमतौर पर सूर्य के साथ होता है, इसलिए यह सूर्य के अस्त होने के समय उत्तर दिशा में नहीं हो सकता। राज की बात गलत है क्योंकि नया चंद्रमा सूर्य के साथ ही अस्त होता है और इसे केवल सूर्य के उगने के समय देखा जा सकता है, जबकि यह पश्चिम दिशा में नहीं होगा।
प्रश्न 3.
चंद्र-सौर कालदर्शक का महत्व क्या है?
उत्तर :
चंद्र-सौर कालदर्शक का महत्व इस बात में है कि यह चंद्रमा की कलाओं के साथ-साथ सौर चक्र को भी ध्यान में रखता है। इसमें 12 चंद्र महीने होते हैं, जो कुल 354 दिनों के होते हैं। चूँकि इसमें सौर वर्ष की तुलना में लगभग 11 दिन कम होते हैं, इसलिए हर 2 से 3 वर्षों में एक अतिरिक्त महीना जोड़ना पड़ता है। यह प्रणाली कृषि, त्योहारों और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए समय निर्धारण में सहायक होती है। भारत के विभिन्न भागों में इस कालदर्शक का उपयोग किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि चंद्र और सौर चक्र के बीच संतुलन बना रहे।
प्रश्न 4.
चंद्रमा की कलाओं का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर :
चंद्रमा की कलाओं का अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें चंद्रमा के विभिन्न चरणों को समझने में मदद करता है, जो पृथ्वी पर कई प्राकृतिक घटनाओं को प्रभावित करते हैं। चंद्रमा की कलाएँ, जैसे कि अमावस्या, पूर्णिमा, और अन्य चरण, न केवल रात के आकाश में चंद्रमा की उपस्थिति को दर्शाती हैं, बल्कि ये कृषि, जलवायु, और समुद्री ज्वार-भाटा पर भी प्रभाव डालती हैं। इसके अलावा, चंद्रमा की कलाओं का अध्ययन हमें यह जानने में भी मदद करता है कि कब चंद्रमा को देखना सबसे अच्छा होता है, जिससे हम इसे सही समय पर देख सकें और इसके अद्भुत रूपों का आनंद ले सकें।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
संगीता ने कहा, “मैंने एक पूर्ण चंद्रमा देखा और जब सूर्य उग रहा था, तो चंद्रमा पश्चिम में अस्त हो रहा था।” राधिका ने कहा, “एक बार मैंने सुबह के समय पूर्व दिशा में पूर्ण चंद्रमा देखा था।” दोनों में से किसकी बात सत्य है?
उत्तर :
संगीता की बात सत्य है। पूर्ण चंद्रमा सामान्यतः सूर्य के अस्त होने के समय पश्चिम दिशा में अस्त होता है। जब सूर्य उगता है, तो चंद्रमा पश्चिम में होता है। राधिका की बात गलत है, क्योंकि सुबह के समय चंद्रमा पूर्ण नहीं हो सकता है, जब सूर्य पूर्व दिशा में उगता है। इस समय चंद्रमा आमतौर पर या तो अस्त हो रहा होता है या फिर उसके उगने का समय होता है, लेकिन पूर्ण चंद्रमा पूर्व दिशा में नहीं दिखाई देगा।
![]()
प्रश्न 2.
सीमा ने चंद्रमा को रात के समय पश्चिम दिशा में देखा-
(i) सीमा द्वारा प्रेक्षित चंद्रमा की कला का चित्र बनाइए।
उत्तर :
सीमा ने रात के समय चंद्रमा को देखा, तो चंद्रमा की कला आमतौर पर कृष्ण पक्ष में होगी, जहाँ चंद्रमा का चमकीला भाग घटता हुआ दिखाई देता है।

(ii) क्या यह चंद्रमा का वर्धमान काल है या क्षीयमाण काल?
उत्तर :
चूँकि सीमा ने चंद्रमा को पश्चिम दिशा में देखा और यह चंद्रमा का घटता हुआ भाग है, इसलिए यह चंद्रमा का क्षीयमाण काल (कृष्ण पक्ष) है। इस समय चंद्रमा की कला घट रही होती है, जो दर्शाती है कि यह क्षीयमाण काल में है।
The post Class 8 Science Chapter 11 Important Questions in Hindi आकाशीय परिघटनाएँ और काल निर्धारण appeared first on Learn CBSE.
📚 NCsolve - Your Global Education Partner 🌍
Empowering Students with AI-Driven Learning Solutions
Welcome to NCsolve — your trusted educational platform designed to support students worldwide. Whether you're preparing for Class 10, Class 11, or Class 12, NCsolve offers a wide range of learning resources powered by AI Education.
Our platform is committed to providing detailed solutions, effective study techniques, and reliable content to help you achieve academic success. With our AI-driven tools, you can now access personalized study guides, practice tests, and interactive learning experiences from anywhere in the world.
🔎 Why Choose NCsolve?
At NCsolve, we believe in smart learning. Our platform offers:
- ✅ AI-powered solutions for faster and accurate learning.
- ✅ Step-by-step NCERT Solutions for all subjects.
- ✅ Access to Sample Papers and Previous Year Questions.
- ✅ Detailed explanations to strengthen your concepts.
- ✅ Regular updates on exams, syllabus changes, and study tips.
- ✅ Support for students worldwide with multi-language content.
🌐 Explore Our Websites:
🔹 ncsolve.blogspot.com
🔹 ncsolve-global.blogspot.com
🔹 edu-ai.blogspot.com
📲 Connect With Us:
👍 Facebook: NCsolve
📧 Email: ncsolve@yopmail.com
😇 WHAT'S YOUR DOUBT DEAR ☕️
🌎 YOU'RE BEST 🏆